भारत की तरह पाकिस्तान में नहीं उड़ा सकते पतंग! मिलती है सख्त सजा, कानूनी, धार्मिक तौर पर क्यों है प्रतिबंध?

Must Read

New Delhi: पाकिस्तान में पतंग उड़ाना लोगों को जेल तक पहुंचा सकता है. भारत में मकर संक्रांति और बसंत पंचमी जैसे त्योहारों पर पतंग उड़ाई जाती है. इसी के साथ पतंगबाजी की प्रतियोगिताएं भी होती हैं. वहीं पाकिस्तान में इस पर पूरी तरह से बैन है. कुछ धार्मिक विद्वानों ने फतवे जारी करके पतंग उड़ाने को गैर इस्लामी भी घोषित कर दिया है.

पाकिस्तान में पतंग उड़ाना क्यों हैं बैन?

उन्होंने यह तर्क दिया है कि यह फिजूल खर्ची, जोखिम लेने और खुद को नुकसान पहुंचाने को बढ़ावा देता है. फिलहाल, पाकिस्तान में पतंग उड़ाना बैन क्यों हैं? इस पर नजर डालते हैं. बैन के पीछे सबसे बड़ी वजह पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाली डोर है. इन डोर पर कांच, केमिकल की परत चढ़ी होती है. ये मेटैलिक तार से बनी होती हैं. जब ये सड़कों पर लटकती हैं तो बाइकसवारों और पैदल चलने वालों का गला काट सकती हैं. मैटेलिक पतंग के तार अक्सर हाई वोल्टेज बिजली की लाइनों के संपर्क में आ जाते हैं.

बच्चों को लगा बिजली का झटका

इससे बड़े पैमाने पर बिजली गुल हो जाती है और कई दुखद मामलों में फंसी हुए पतंग को निकालने की कोशिश में बच्चों को बिजली का झटका भी लगा है. पाकिस्तान में पतंग उड़ाने के त्योहारों के साथ अक्सर हवाई फायरिंग, लापरवाह बाइक स्टंट और सड़कों पर हिंसा होती थी. जश्न में की गई फायरिंग से कई मौतें हुई हैं. पंजाब रेगुलेशन ऑफ काइट फ्लाइंग एक्ट के तहत सजा काफी कड़ी है.

पकड़े जाने पर 3 से 5 साल की जेल

पतंग उड़ाते हुए पकड़े जाने पर 3 से 5 साल की जेल और 20 लाख से 50 लाख पाकिस्तानी रुपयों तक का जुर्माना हो सकता है. पतंग उड़ाने से जुड़े अपराध अब गैर जमानती हैं. इसका मतलब है की गिरफ्तारी होने पर तुरंत जेल हो सकती है. अगर कोई नाबालिक पतंग उड़ाता है तो कानून माता-पिता को जिम्मेदार ठहरता है और पहले अपराध के लिए ₹50000 और बार-बार उल्लंघन करने पर ₹100000 तक का जुर्माना ले सकता है.

इसे भी पढ़ें. Junaid Qazi: डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी से डिप्टी मेयर बने भारत के लाल जुनैद, इस राज्य से है नाता

Latest News

06 June 2026 Ka Panchang: शनिवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

6 जून 2026, शनिवार का पंचांग लेकर आए हैं. जानिए आज की तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, चंद्र राशि और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण समय.

More Articles Like This