ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स आतंकी संगठन तो पाक का ISI क्या? US-EU की कार्रवाई पर उठे सवाल..!

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New Delhi: अमेरिका के बाद यूरोप ने भी ईरान पर सख्त कदम उठाए हैं. यूरोप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है. इस पर यूरोपियन यूनियन का कहना है कि ईरानी गार्ड्स प्रदर्शनकारियों पर कहर बरपा रहे थे. इसलिए ऐसा किया गया, क्योंकि अमेरिका ने भी पहले यही किया था. इसके बाद सवाल उठ राह है कि जब अमेरिका और यूरोपियन यूनियन को ईरानी के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स आतंकी नजर आ रहे हैं तो पाकिस्तान का ISI उन्हें क्यों नहीं आतंकी संगठन नजर आ रहा है?

भारत में तमाम आतंकवादी हमले में डायरेक्ट ISI का हाथ

मुंबई अटैक से लेकर भारत में तमाम आतंकवादी हमले में डायरेक्ट ISI का हाथ रहा है. फिर भी दोनों महाशक्तियों की आखिर इतनी हिम्मत क्यों नहीं हो रही है? क्या इसे डबल स्टैडर्ड नहीं कहेंगे? जबकि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स आतंकी संगठन भी नहीं है. लेकिन पाकिस्तान का ISI आतंकी संगठन है. वह ऐसा सांप है जो बार-बार फन उठाता है. जिसके फन को ना सिर्फ कुचलने की जरूरत है बल्कि उसे जड़ से खत्म करने की भी जरूरत है.

पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस को क्यों नहीं?

अमेरिका ने 2019 में ही यह कदम उठाया था. IRGC को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) कहा लेकिन सवाल उठता है कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) को क्यों नहीं? मुंबई अटैक में ISI का नाम आया, 166 लोग मारे गए और छह अमेरिकी नागरिक भी मारे गए. फिर भी US और EU चुप रहा और चुप है. ISI ने लश्कर-ए-तैयबा को सपोर्ट किया. डेविड हेडली ने इसकी गवाही भी दी. ISI अधिकारियों ने भारत के खिलाफ हमले प्लान किए फंडिंग दी, ट्रेनिंग दिए लेकिन कोई एक्शन नहीं.

ISI ने भारत में करवाए कई हमले

क्या IRGC आतंकी है? ईरान में प्रोटेस्ट दबाने के लिए इस्तेमाल होता है लेकिन आतंकी हमलों का रिकॉर्ड कम. ISI ने भारत में कई हमले करवाए. 2001 संसद अटैक, 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट और 2008 मुंबई हमला. फिर भी अमेरिका पाकिस्तान को सहयोगी मानता है. क्या यह डबल स्टैंडर्ड नहीं? IRGC को सजा और ISI को माफी क्यों? क्योंकि ईरान दुश्मन पाकिस्तान स्ट्रैटेजिक पार्टनर अफगानिस्तान में मदद चाहिए. लेकिन भारत की कीमत पर? यह अन्याय है. दुनिया देख रही है. सवाल गूंज रहे हैं.

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