ओला इलेक्ट्रिक ‘संरचनात्मक बदलाव’ के चलते करीब 5% कर्मचारियों की करेगी छंटनी

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता ओला इलेक्ट्रिक ने शुक्रवार को बताया कि कंपनी अपने चल रहे संरचनात्मक बदलावों के तहत लगभग 5% कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. कंपनी के बयान के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक अपने फ्रंटएंड ऑपरेशंस में स्वचालन को बढ़ाकर कार्यप्रणाली में तेजी और अनुशासन लाने पर विशेष ध्यान दे रही है. कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस पुनर्गठन प्रक्रिया के कारण उसके कुल कर्मचारियों में से करीब 5% प्रभावित होंगे. कंपनी ने आगे कहा कि वह ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने और दीर्घकालिक, लाभदायक विकास के लिए एक सुव्यवस्थित संगठन बनाने पर केंद्रित है.

हाइपरसर्विस पर जोर के बीच ओला इलेक्ट्रिक में छंटनी

कंपनी ने कहा कि ओला इलेक्ट्रिक अपने कारोबार को पटरी पर लाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, हाइपरसर्विस और सेवा-आधारित निष्पादन के माध्यम से प्राप्त शुरुआती लाभों को आगे बढ़ा रही है, जिसके तहत अब देशभर में 80% से अधिक सेवा अनुरोधों का उसी दिन समाधान किया जा रहा है. भारत के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार में वर्ष 2025 के दौरान आए बड़े बदलावों के बीच यह छंटनी देखने को मिली है. इस दौरान ओला इलेक्ट्रिक को अपनी बाजार हिस्सेदारी में भारी गिरावट का सामना करना पड़ा, जबकि पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियों ने बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली.

बाजार हिस्सेदारी में भारी गिरावट

आंकड़ों के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी वर्ष 2024 में 36.7% %थी, जो 2025 में घटकर 16.1% पर आ गई. इस तेज गिरावट ने पूरे साल कंपनी के सामने बढ़ती चुनौतियों को उजागर किया. कंपनी को परिचालन से जुड़ी कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ा, जिनमें सेवा में देरी और वाहनों की अनियमित डिलीवरी को लेकर ग्राहकों की शिकायतें प्रमुख रहीं. वित्तीय मोर्चे पर भी ओला इलेक्ट्रिक की स्थिति कमजोर रही. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी ने 418 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया. वहीं, परिचालन से होने वाला राजस्व भी इस दौरान करीब 43 प्रतिशत घटकर 690 करोड़ रुपये रह गया.

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