Bakayan Benefits: बकायन (महानिम्ब) एक ऐसी औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे हमारी बुजुर्ग पीढ़ियों से इस्तेमाल करते आ रहे हैं. आमतौर पर गांव-देहात में आसानी से मिलने वाला यह पेड़ देखने में साधारण लगता है, लेकिन इसके अंदर ढेरों औषधीय गुण छिपे हैं. बकायन का स्वाद कड़वा होता है, लेकिन आयुर्वेद में कड़वी चीजों को शरीर को अंदर से साफ करने वाली औषधि माना गया है. इसके पत्ते, छाल, बीज और फल सभी किसी न किसी रूप में शरीर को रोगों से बचाने का काम करते हैं.
फोड़े-फुंसी, दाद, खुजली या स्किन एलर्जी को करें दूर
आयुर्वेद के अनुसार, बकायन खून को साफ करता है और शरीर में जमा गंदे तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. जिन लोगों को बार-बार फोड़े-फुंसी, दाद, खुजली या स्किन एलर्जी की शिकायत रहती है, उनके लिए बकायन बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसके पत्तों का लेप या रस लगाने से त्वचा की जलन और सूजन कम होती है. अंदर से खून साफ होने पर त्वचा अपने आप स्वस्थ दिखने लगती है.
आतों का भी करें सफाया, पाचन को बनाएं बेहतर
बकायन की सबसे बड़ी खासियत है इसका कृमिनाशक गुण. पेट में कीड़े, अपच, पेट दर्द या बार-बार दस्त जैसी समस्या में बकायन का उपयोग किया जाता है. इसकी छाल और बीज आंतों को साफ कर परजीवियों को नष्ट करने में मदद करते हैं. यही कारण है कि इसे पाचन तंत्र को मजबूत करने वाली औषधि भी माना जाता है. साथ ही यह लीवर को डिटॉक्स करने और शरीर की सफाई में सहायक होता है.
जोड़ो के दर्द, सूजन और गठिया से भी दिलाए राहत
बकायन जोड़ों के दर्द, सूजन और गठिया में भी असर दिखाता है. इसके पत्तों या बीजों का लेप लगाने से दर्द और अकड़न में राहत मिलती है. आयुर्वेद मानता है कि जब शरीर अंदर से साफ रहता है तो सूजन और दर्द अपने आप कम होने लगते हैं. इसके अलावा, बकायन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में भी मदद करते हैं.
महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी बकायन उपयोगी माना गया है. भारी माहवारी, श्वेत प्रदर और कुछ गर्भाशय संबंधी समस्याओं में इसे अन्य जड़ी-बूटियों के साथ मिलाकर दिया जाता है.
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