Budget 2026 Live: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश कर रही हैं. इस बार वित्त मंत्री ने बजट 2026 में देश की वित्तीय सेहत और आम आदमी की जेब दोनों पर खास नजर है. एक ओर जहां सरकार ने राजकोषीय घाटे को कम कर अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का संकेत दिया है वहीं दूसरी ओर मेडिकल और ट्रैवल जैसे खर्चों पर टैक्स का बोझ घटाकर मिडिल क्लास को बड़ी राहत दी है.
राजकोषीय घाटा कम होने का मतलब सरकार की उधारी कम
सरकार ने चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.4% रखा था, जिसे अब वित्त वर्ष 2026-27 के लिए और घटाकर 4.3% करने का अनुमान जताया है. राजकोषीय घाटा कम होने का मतलब है कि सरकार की उधारी कम हो रही है. यह अर्थव्यवस्था की स्थिरता और विदेशी निवेशकों के भरोसे के लिए बहुत अच्छा संकेत है. विदेश जाने वाले पर्यटकों और बाहर इलाज कराने वालों के लिए यह बजट बड़ी खुशखबरी लेकर आया है.
TCS की दरों में भारी कटौती
सरकार ने TCS (Tax Collected at Source) की दरों में भारी कटौती की है. पहले विदेश यात्रा के खर्च पर 5% से 20% तक भारी TCS देना पड़ता था. अब इसे सरल बनाकर केवल 2% फ्लैट कर दिया गया है. विदेश में इलाज कराने पर लगने वाले 5% TCS को भी घटाकर अब 2% कर दिया गया है. इससे मेडिकल इमरजेंसी के समय वित्तीय बोझ कम होगा.
वाहन मालिकों के लिए बड़ी उलझन खत्म
वाहन मालिकों के लिए सरकार ने एक बड़ी उलझन खत्म कर दी है. अब मोटर इंश्योरेंस (Motor Insurance) पर लगने वाले TDS को पूरी तरह हटा दिया गया है. यानी अब इंश्योरेंस क्लेम या प्रीमियम से जुड़े कुछ ट्रांजेक्शन ‘कर मुक्त’ होंगे, जिससे कागजी कार्रवाई और टैक्स की जटिलता कम होगी.
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