USAIC ने की बजट 2026 की सराहना, कहा- भारत की बायोफार्मा महत्वाकांक्षाओं को मिलेगा बढ़ावा

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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 USAIC-यूएस इंडिया चैंबर्स ऑफ कॉमर्स केंद्रीय बजट से यह साफ संदेश मिलता है कि सरकार बायोफार्मा और हेल्थकेयर इनोवेशन को बढ़ावा देना चाहती है. संस्था ने बताया कि बजट में नए निवेश, क्लिनिकल ट्रायल की सुविधाओं के विस्तार और वैश्विक नियमों से तालमेल की दिशा में कदम उठाए गए हैं.

देश में 1000 क्लिनिकल ट्रायल केंद्र बनाने की योजना

यूएसएआईसी के अध्यक्ष करुण ऋषि ने कहा कि सरकार ने बायोफार्मा पर शुरुआत से ही खास ध्यान दिया है. बायोफार्मा शक्ति पहल और पूरे देश में 1000 क्लिनिकल ट्रायल केंद्र बनाने की योजना इसका उदाहरण है. उनका कहना है कि इससे भारत को वैश्विक स्तर पर बायोफार्मा और हेल्थकेयर इनोवेशन की वैल्यू चेन में आगे ले जाने में मदद मिलेगी.

बायोफार्मा क्षेत्र में विकास पर जोर

उन्होंने बताया कि बायोफार्मा शक्ति योजना के लिए पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. भले ही यह राशि वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ी न हो, लेकिन इससे सरकार की गंभीर मंशा साफ दिखाई देती है. यह निवेश उच्च तकनीक, कुशल मानव संसाधन और मूल्यवान बायोफार्मा क्षेत्र के विकास में सहायक होगा.

क्लिनिकल रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा बड़ा कदम

करुण ऋषि ने कहा कि देशभर में 1000 क्लिनिकल ट्रायल केंद्रों का नेटवर्क बनाना भारत के क्लिनिकल रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत अहम कदम है. उन्होंने बताया कि पिछले बीस वर्षों से यूएसएआईसी लगातार कौशल विकास, क्षमता निर्माण और नैतिक व उच्च गुणवत्ता वाले क्लिनिकल ट्रायल पर जोर देता रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि बजट में उद्योग और सरकार की सोच में तालमेल साफ दिखता है.

सरकार के इस फैसले का भी यूएसएआईसी ने किया स्‍वागत

ऋषि ने वैश्विक मानकों और बेंचमार्क के अनुरूप सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने और पुनर्गठित करने के सरकार के इरादे का भी स्वागत किया. उनका कहना है कि विश्वसनीय नियम, वैज्ञानिक आधार पर फैसले और समयबद्ध मंजूरी दवा उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी हैं.

उन्होंने कहा कि इन प्राथमिकताओं को पिछले दिसंबर में दिल्ली में यूएसएआईसी के बायोफार्मा रणनीति सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाया गया था, जिसमें नीति आयोग के नेतृत्व और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ चर्चा शामिल थी.

कौशल, रोजगार समेत इन चीजों पर भी जोर

फार्मा क्षेत्र से आगे बढ़कर उन्होंने कहा कि बजट 2026 वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी विकास, समावेशन और वित्तीय संतुलन पर केंद्रित दिखाई देता है. सरकार ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए कौशल, रोजगार, शोध, विज्ञान और नवाचार पर जोर दिया है.

उनका कहना है कि इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत की विकास यात्रा नवाचार पर आधारित और भविष्य के लिए तैयार होगी, हालांकि असली परीक्षा योजनाओं के सही क्रियान्वयन में होगी.

यूएसएआईसी ने की बजट की सराहना

यूएसएआईसी ने वित्त मंत्री और भारत सरकार के इस बजट को रणनीतिक क्षेत्रों में निर्णायक कदम बताते हुए सराहना की. करुण ऋषि ने कहा कि अब भारत को इंटरनेशनल काउंसिल फॉर हार्मोनाइजेशन ऑफ टेक्निकल रिक्वायरमेंट्स फॉर फार्मास्यूटिकल्स फॉर ह्यूमन यूज में ऑब्जर्वर से पूर्ण सदस्य बनने पर विचार करना चाहिए, जो देश की वैज्ञानिक क्षमता और विनिर्माण स्तर के अनुरूप है.

उन्होंने कहा कि बजट 2026 बायोफार्मा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है और यदि इसे सही ढंग से लागू किया गया, तो भारत को ग्लोबल बायोफार्मा इनोवेशन मैप पर मजबूत स्थान मिल सकता है.

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