PAK सरकार ने हॉकी कप्तान पर लगा दो साल का प्रतिबंध हटाया, बवाल के बाद खुली शहबाज शरीफ की आंख

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Islamabad: पाकिस्तान सरकार ने पूरे बवाल के एक दिन बाद राष्ट्रीय हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट पर राष्ट्रीय महासंघ (PHF) द्वारा लगाया गया दो साल का प्रतिबंध हटा दिया है. साथ ही इस प्रतिबंध को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है. बताया जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पाकिस्तान हॉकी टीम और खिलाड़ियों की हुई किरकिरी पर शहबाज शरीफ सरकार की आंखें खुल गई हैं.

प्रतिबंध गैरकानूनी और असंवैधानिक कदम

बट ने देश वापसी पर विरोध जताया था और PHF की आलोचना की थी. इसके बाद PHF अध्यक्ष ने उन पर दो साल का बैन लगाया और खुद भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. अब सरकार ने उन पर लगा प्रतिबंध का फैसला रद्द कर दिया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा नियुक्त PHF के अंतरिम अध्यक्ष मुहूयदिन अहमद वानी ने इस प्रतिबंध को गैरकानूनी और असंवैधानिक कदम बताते हुए तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया.

अव्यवस्था और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर विवाद

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया दौरे में अव्यवस्था और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. ऑस्ट्रेलिया में एफआईएच प्रो लीग मुकाबलों के दौरान पाकिस्तान टीम को गंभीर लॉजिस्टिक समस्याओं का सामना करना पड़ा. हालांकि पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड ने टीम के पांच सितारा होटल में ठहरने के लिए एक करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन खिलाड़ियों को होटल की बजाय एयरबीएनबी में रहना पड़ा.

एक साल से नहीं मिले दैनिक भत्ते

बताया गया कि होटल ने अग्रिम भुगतान न मिलने के कारण टीम को प्रवेश देने से इनकार कर दिया था. खिलाड़ियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़ा. इसके अलावा कप्तान बट ने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को एक साल से दैनिक भत्ते नहीं मिले थे. स्वदेश लौटने के बाद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अम्माद बट ने फेडरेशन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को रसोई साफ करने और बर्तन धोने तक के लिए मजबूर किया गया.

मीडिया से बात न करने की धमकी

उन्होंने यह भी दावा किया कि खिलाड़ियों को मीडिया से बात न करने की धमकी दी गई थी. इन बयानों के बाद तत्कालीन पीएचएफ अध्यक्ष तारिक बुगती ने बट पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने पाकिस्तान हॉकी की छवि को नुकसान पहुंचाया है. विवाद बढ़ने के बाद तारिक बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया और मुहयुद्दीन वानी को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त कर दिया था.

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