Iran War : काफी लंबे समय से ईरान के साथ जारी जंग को लेकर अमेरिका अब एक बड़ा कदम उठा सकता है. खबर सामने आयी है कि अमेरिका समुद्र में जहाजों पर फंसे ईरान के तेल पर लगी पाबंदी हटा सकता है और इसका मकसद यह है कि दुनिया में तेल की कमी को कम करना और कीमतों को काबू में रखना है. इस मामले को लेकर अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि करीब 140 मिलियन बैरल ईरानी तेल अभी जहाजों में पड़ा है. लेकिन हालात को देखते हुए इस पर से रोक हटा दी जाती है तो यह तेल बाजार में आ सकता है और सप्लाई बढ़ सकती है.
मीडिया से बातचीत के दौरान एक इंटरव्यू में स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह अतिरिक्त तेल करीब 10 से 14 दिनों तक बढ़ती कीमतों को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. उनका कहना है कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट में जारी लड़ाई के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसकी वजह से बाजार में दबाव बना हुआ है. बता दें कि यह कदम अमेरिका की पुरानी नीति से अलग माना जा रहा है. हालांकि इससे पहले रूस के तेल के मामले में भी अमेरिका ने कुछ समय के लिए राहत दी थी.
चीन जा रहा है ईरान का तेल
माना जा रहा है कि अगर अमेरिका पाबंदी को हटा देता है तो अभी जो ईरानी तेल ज्यादातर चीन जा रहा है, वह दूसरे देशों में भी भेजा जा सकता है. इसमें भारत, जापान, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर के साथ और भी कई देश शामिल हैं. बता दें कि एशिया के देश तेल के लिए खाड़ी क्षेत्र पर काफी निर्भर हैं, इसी वजह से यहां सप्लाई में थोड़ी भी कमी का बड़ा असर पड़ता है. इसी वजह से कई देश पहले ही दूसरे विकल्प तलाशने लगे हैं, जैसे कि अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदना.
मिडिल ईस्ट के हालात पर ही निर्भर होगी स्थिति
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा हालात में रोजाना करीब 15 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है. ऐसे में अगर आगे चलकर भी हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं. लेकिन अगर अमेरिका यह फैसला लेता है तो कुछ समय के लिए तेल की कीमतों में राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय में स्थिति पूरी तरह मिडिल ईस्ट के हालात पर ही निर्भर करेगी.
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