Zomato Platform Fee Hike: Zomato ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है. फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है. कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस 2.40 रुपए बड़ा दी है. कंपनी का कहना है कि बढ़ती ऑपरेशन लागत, डिलीवरी खर्च और फ्यूल प्राइस में बढ़ोतरी की वजह से यह कदम उठाया गया है. हालांकि, पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब प्लेटफॉर्म फीस में बदलाव किया गया है.
धीरे-धीरे शुल्कों को बढ़ा रहा है Zomato
विशेषज्ञों का मानना है कि Zomato अपनी प्रॉफिटेबिलिटी (लाभदायकता) बढ़ाने के लिए धीरे-धीरे इन शुल्कों को बढ़ा रहा है. यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब पहले से ही फूड डिलीवरी पर कई तरह के चार्ज लगते हैं, जैसे डिलीवरी फीस, पैकेजिंग चार्ज और टैक्स. Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस 12.50 रुपए से बढ़ाकर 14.90 रुपए कर दी है. हर ऑर्डर पर अब यूजर्स को 2.40 रुपए ज्यादा देने होंगे. अब प्लेटफॉर्म फीस बढ़ने से कुल बिल और ज्यादा हो जाएगा.
लागतों को बैलेंस करने के लिए बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस
यानी जो खाना पहले 300-400 रुपए में मिल जाता था, वह अब थोड़ा महंगा महसूस होगा. फूड डिलीवरी कंपनियों को हर ऑर्डर पर कई खर्च उठाने पड़ते हैं, जैसे डिलीवरी पार्टनर की पेमेंट, टेक्नोलॉजी खर्च और सर्विस मेंटेनेंस. इन सभी लागतों को बैलेंस करने के लिए प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई गई है. फूड डिलीवरी मार्केट में कॉम्पिटिशन भी लगातार बढ़ रहा है. अलग-अलग प्लेटफॉर्म यूजर्स को आकर्षित करने के लिए ऑफर्स और डिस्काउंट दे रहे हैं.
एक बार फिर प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी
ऐसे में कंपनियां अपने रेवेन्यू को बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे चार्ज बढ़ा रही हैं, ताकि बिजनेस मॉडल टिकाऊ बना रहे. यह फैसला प्लेटफॉर्म फीस में धीरे-धीरे हो रही बढ़ोतरी का हिस्सा है. जब अप्रैल 2023 में यह फीस शुरू की गई थी, तब यह सिर्फ 2 रुपए प्रति ऑर्डर थी. इसके बाद 2024 में इसे बढ़ाकर 10 रुपए कर दिया गया और फिर सितंबर 2025 के आस-पास, त्योहारों से पहले इसे 12 रुपए तक कर दिया गया था. अब एक बार फिर इसमें बढ़ोतरी की गई है.
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