Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में ईरान इजरायल और अमेरिका के जारी जंग के बीच भारत को बड़ी कूटनीतिक सफलता मिलती नजर आ रही है. बता दें कि एलपीजी गैस से लदे दो भारतीय टैंकर्स को ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की मंजूरी दे दी है. जानकारों के अनुसार इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर्प्स (IRGC) ने भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग वसंत और पाइन गैस’ को इस रास्ते से जाने की अनुमति दे दी है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिप ट्रैकिंग डाटा के अनुसार दो एलपीजी जहाज सोमवार को दोपहर तक ईरान के लारक और केशम द्वीप तक पहुंचने वाले थे. एक-दूसरे के करीब चल रहे दोनों जहाज जब होर्मुज स्ट्रेट के करीब थे तो वह ईरानी अधिकारियों को यह संदेश दिखा रहे थे कि वे भारत के जहाज हैं, जिसकी वजह से आईआरजीसी को उन्हें लेकर कोई कंप्यूजन न हो.
होर्मुज पर तैनात आईआरजीसी के अधिकारी
बता दें कि लंबे समय दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आईआरजीसी के अधिकारियों को तैनात कर दिया है. ऐसे में उसका कहना है कि वह सिर्फ अमेरिका और उसके सहयोगियों के जहाजों को निशाना बनाएगा, लेकिन इस हमले में आम लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा. इस बीच अपने टैंकर्स की इस रास्ते से सुरक्षित आवाजाही के लिए भारत की ईरान से राजनयिक स्तर पर बात चल रही है, जिसकी वजह से पिछले हफ्ते भी दो भारतीय जहाजों- शिवालिक और नंदा देवी को यहां से जाने की अनुमति मिली थी.
इंटरव्यू में बोले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर
इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान एक इंटरव्यू में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि भारतीय जहाजों की आवाजाही को लेकर ईरान के साथ यह कोई एकमुश्त या आम व्यवस्था (Blanket Arrangement) नहीं है. इसके साथ ही ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने भी कहा कि जो देश अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बात करना चाहते हैं, वह ईरान से बात कर सकते हैं.
दो भारतीय जहाजों को निकलने की मिली अनुमति
इसके साथ ही शिप ट्रैकिंग डाटा के मुताबिक, जग वसंत और पाइन गैस संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह पोर्ट के पास फंसे हुए थे. होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से फिलहाल 20 भारतीय जहाज फंसे हैं और इन दो जहाजों को निकलने की अनुमति मिलने को बाकी जहाजों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
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