Israel Iran War: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच मंगलवार को ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल तेल अवीव में आकर गिरी. धमाके में कई लोग घायल हो गए और इमारतों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा. शहर भर में तेज धमाकों की आवाज सुनी गई, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों ने देश की आर्थिक राजधानी के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों से उठते बड़े धुएं के गुबार देखने की बात कही.
सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के आर्मी रेडियो ने सुरक्षा अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह संभवतः क्लस्टर प्रकार की मिसाइल थी, जिसमें कई बमलेट्स (छोटे बम) थे. प्रत्येक का वजन लगभग 100 किलोग्राम था और इनके टुकड़े कई स्थानों पर गिरे.
तीन इमारतों को भी हुआ भारी नुकसान
होम फ्रंट कमांड के तेल अवीव जिला कमांडर मिकी डेविड ने बताया कि उत्तरी तेल अवीव में एक प्रभाव स्थल पर मिसाइल इमारतों के बीच गिरी, जिससे एक शक्तिशाली धमाका हुआ और तीन इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा.उन्होंने बताया कि इमारतों के शेल्टर सुरक्षित रहे और अंदर मौजूद लोग सुरक्षित हैं. सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों में दिखा कि इस हमले से जमीन में एक गड्ढा बन गया.
सात बार बजाए गए हवाई हमले के सायरन
एक बयान में इजरायली सेना ने कहा कि मध्य इजरायल के कई स्थानों पर खोज और बचाव दल काम कर रहे हैं, जहां हमले की खबर मिली है. ‘मैगन डेविड एडोम’ एम्बुलेंस सेवा ने बताया कि हमले में छह लोग हल्के रूप से घायल हुए हैं. ईरान की ओर से लगातार मिसाइल हमलों के बीच रात भर और मंगलवार सुबह तक पूरे इजरायल में सात बार हवाई हमले के सायरन बजाए गए.
यह हमला ऐसे समय हुआ जब क्षेत्रीय संघर्ष 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है और तनाव अभी भी उच्च स्तर पर बना हुआ है, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बातचीत का दावा कर रहे हैं, जिसे ईरान ‘फेक न्यूज’ बता रहा है. इस बीच सोमवार को द न्यूयॉर्क टाइम्स ने वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि पेंटागन ईरान में सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए हवाई सैनिकों की संभावित तैनाती पर विचार कर रहा है.
इजरायल ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कर सकता है कब्जा
रिपोर्ट के अनुसार, ये सैनिक अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की ‘इमीडिएट रिस्पॉन्स फोर्स’ से होंगे, जो लगभग 3,000 सैनिकों की एक ब्रिगेड है और 18 घंटे के भीतर दुनिया में कहीं भी तैनात हो सकती है. हालांकि, अभी तक पेंटागन या यूएस सेंट्रल कमांड की ओर से कोई आदेश जारी नहीं किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन बलों का उपयोग ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए किया जा सकता है.
रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि एक और विकल्प जिस पर विचार किया जा रहा है. यदि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अनुमति देते हैं, तो लगभग 2,500 सैनिकों के साथ 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट द्वारा भी हमला किया जा सकता है, जो वर्तमान में मध्य पूर्व की ओर बढ़ रही है.
रिपोर्ट के अनुसार, इमीडिएट रिस्पॉन्स फोर्स हाल के वर्षों में कई बार कम समय में तैनात की जा चुकी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार को कहा कि 28 फरवरी से संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर शुरू किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद से अमेरिकी सेना ने ईरान में 9,000 से अधिक हमले किए हैं, जिनमें 140 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया या डुबो दिया गया है.

