Asia Digital Economy Growth: एशिया में डिजिटल परिवर्तन अब केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि सतत विकास का एक मजबूत आधार बनता जा रहा है. बोआओ फोरम फॉर एशिया की ओर से जारी नई रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल तकनीकें एशिया की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा को मजबूत बना रही हैं.
27 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल इकोनॉमी
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 तक एशिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था 27 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है, जो क्षेत्र की कुल जीडीपी का लगभग 46 प्रतिशत हिस्सा है. यह दिखाता है कि डिजिटल सेक्टर अब एशिया के आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन बन चुका है.
AI बना विकास का सबसे बड़ा ड्राइवर
रिपोर्ट में खास तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को एशिया की प्रगति का बड़ा कारक बताया गया है. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में AI का तेजी से उपयोग हो रहा है, जिससे:
- उद्योगों की उत्पादकता बढ़ रही है
- छोटे और मध्यम उद्यमों को मजबूती मिल रही है
- रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं
- सार्वजनिक सेवाओं में सुधार हो रहा है
ग्रीन टेक्नोलॉजी से सतत विकास को बढ़ावा
डिजिटलाइजेशन के साथ-साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी भी एशिया के विकास में अहम भूमिका निभा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने में डिजिटल तकनीकें मददगार साबित हो रही हैं. स्मार्ट फैक्ट्री, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार जैसे कदम औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई दे रहे हैं.
क्षेत्रीय मजबूती और प्रतिस्पर्धा में बढ़ोतरी
एशिया के देश डिजिटल तकनीकों के जरिए अपनी विविध आर्थिक संरचनाओं को मजबूत कर रहे हैं. इससे न केवल क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एशिया की स्थिति मजबूत हो रही है.
BFA सम्मेलन 2026 पर नजर
बोआओ फोरम फॉर एशिया (BFA), जो 2001 में स्थापित एक गैर-सरकारी और गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम करता है.
इस साल BFA का वार्षिक सम्मेलन 24 से 27 मार्च 2026 तक चीन के हैनान प्रांत के बोआओ शहर में आयोजित किया जा रहा है. इस सम्मेलन का थीम है:
“एक साझा भविष्य को आकार देना: नई गतिशीलता, नए अवसर, नया सहयोग”
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