Iran-US : वर्तमान समय में पाकिस्तान में ईरान-यूएस के बीच होने वाली शांति को बातचीत से पहले भारत और अमेरिका के बीच बड़ी बैठक हुई है. बता दें कि दोनों देशों ने अपने रणनीतिक जुड़ाव को बढ़ाया है. इसके साथ ही विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ एक अहम मीटिंग की, जिसमें द्विपक्षीय संबंध, विशेष रूप से व्यापार, जरूरी मिनरल्स, रक्षा और क्वाड पर चर्चा हुई. बता दें कि एआई और जरूरी मिनरल्स सहित बड़े आर्थिक और तकनीकी एंगेजमेंट पर सहमति बनी है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दूतावास का कहना है कि अपने मौजूदा दौरे के दौरान मिसरी ने विदेश सचिव मार्को रुबियो से मुलाकात की और ये भी कहा कि ‘हम इन जरूरी क्षेत्रों में अपने जुड़ाव को और मजबूत करने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए और भी बहुत कुछ करने की उम्मीद करते हैं.’ इतना ही नही बल्कि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को प्रोडक्टिव मीटिंग बताया. गोर ने कहा कि ‘विदेश सचिव रुबियो अगले महीने भारत आने का इंतजार कर रहे हैं.’
भारत-अमेरिका के मजबूत सहयोग पर विचार
जानकारी के मुताबिक, विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के डायरेक्टर काश पटेल समेत सीनियर अमेरिकी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बातचीत की. माना जा रहा है कि इस मीटिंग का मुख्य मुद्दा रक्षा, आतंकवाद का विरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा रहा. इसके साथ ही भारतीय दूतावास ने ये भी कहा कि ‘दोनों ने आतंकवाद, सुनियोजित अपराध और नारकोटिक्स से निपटने में भारत-अमेरिका के मजबूत सहयोग पर विचार साझा किए हैं.’ बता दें कि दोनों देशों के बीच यह मुद्दा बढ़ते सहयोग पर जोर देती है.’
भू-राजनीतिक तनाव के बीच विचार साझा
इस मामले को लेकर मिसरी ने उपसचिव क्रिस्टोफर लैंडौ के साथ भी बातचीत की और क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी विचार शेयर किए. साथ ही बयान में ये भी कहा गया कि ‘नेताओं ने दोनों देशों के बीच करीबी साझेदारी को फिर से सुनिश्चित किया. वहीं बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय विकास खासकर पश्चिम एशिया में मीटिंग्स में विशेष रूप से शामिल रहे, जिसमें दोनों पक्षों ने चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच विचार साझा किए.’
मिसरी ने एलिसन हुकर से की मुलाकात
बता दें कि मिसरी ने राजनीतिक मामलों के अवर सचिव एलिसन हुकर से भी मुलाकात की, साथ ही दोनों पक्षों ने पिछले साल दिसंबर में हुए फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन्स के बाद से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय एजेंडे का जायजा लिया. ऐसे में ‘भारतीय दूतावास का कहना है कि उन्होंने ‘पश्चिम एशिया में हाल के विकास के साथ-साथ आपसी फायदे के क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार शेयर किए.’ बता दें कि आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग के साथ बातचीत में, दोनों पक्ष सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए.
भारत-यूएस के संबंधों की मौजूदा हालत पर चर्चा
जानकारी देते हुए दूतावास ने ये भी कहा कि ‘वे पैक्स सिलिका के तहत सहयोग को आगे बढ़ाने और एआई और जरूरी मिनरल्स सहित बड़े आर्थिक और तकनीकी एंगेजमेंट पर सहमत हुए.’ बता दें कि आधिकारिक बैठकों के अलावा मिसरी ने वॉशिंगटन की स्ट्रेटेजिक कम्युनिटी के साथ बातचीत की. इसके साथ ही थिंक टैंक के साथ भारत-यूएस के आपसी संबंधों की मौजूदा हालत और भविष्य की दिशा पर चर्चा की. बता दें कि इन चर्चाओं में तेजी से बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में मिलने वाले मौकों और आने वाली चुनौतियों के साथ-साथ एनर्जी, खाने और आर्थिक सुरक्षा के लिए ग्लोबल डेवलपमेंट के असर पर भी बात हुई.
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