डोनाल्ड ट्रंप की बढ़ी टेंशन! अमेरिका के खिलाफ युद्ध में ईरान का साथ देगा चीन

Must Read

US Iran Peace Talks in Pakistan : अमेरिकी मीडिया में दिए गए यूएस के खुफिया आकलन से पता चलता है कि चीन ईरान के संघर्ष में ज्यादा एक्टिव भूमिका निभाने पर विचार कर रहा है. भले ही चीन एक बड़े युद्ध से बचना चाहता हो, लेकिन वर्तमान में वह दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को खत्‍म करने के लिए ईरान के साथ अपनी सक्रियता बढ़ाना चाह रहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों ने ईरान को चीन के संभावित समर्थन की ओर इशारा करते हुए जानकारी इकट्ठा की है. ऐसे में अधिकारियों ने जोर देते हुए कहा कि यह इंटेलिजेंस पक्की नहीं है.

इस मामले को लेकर रिपोर्ट में कहा गया कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि लड़ाई के दौरान अमेरिकी या इजरायली सेना के खिलाफ चीनी मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है. ऐसे में इससे नतीजों के बारे में अनिश्चितता पर जोर दिया गया. फिर भी, रिपोर्ट का कहना है कि चीन फिलहाल बहुत सावधानी बरत रहा है. क्‍योंकि चीन के अधिकारी दुनिया को यह दिखाना चाहते हैं कि वे इस मामले में निष्पक्ष हैं और किसी का पक्ष नहीं ले रहे. लेकिन असल में, उनके बीच ईरान की मदद करने को लेकर भी बातचीत चल रही है.

मिसाइलों और ड्रोन के लिए चीन पर निर्भर है ईरान

ऐसे में कुछ पूर्व अधिकारियों का कहना है कि ईरान मिसाइलों और ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले जरूरी पार्ट्स के लिए चीन पर निर्भर है. माना जा रहा है कि बीजिंग यह तर्क दे सकता है कि ऐसे पार्ट्स का सिविलियन इस्तेमाल होता है. इसके साथ ही चीन ने कुछ इंटेलिजेंस सपोर्ट भी दिया है, लेकिन उनके बारे में अभी तक ज्‍यादा जानकारी नही है. बता दें कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरानी अधिकारी हफ्तों की लड़ाई के बाद एक नाजुक सीजफायर को स्थिर करने के लिए इस्लामाबाद में सीधी बातचीत कर रहे हैं.

ईरान का सबसे बड़ा तेल उपभोक्‍ता चीन

इस मामले को लेकर विश्लेषकों का कहना है कि बीजिंग का तरीका सोच-समझकर किया गया कैलकुलेशन दिखाता है. बता दें कि काफी लंबे समय से चीन के ईरान के साथ गहरे आर्थिक संबंध हैं और वह उसका सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है, लेकिन उसके पास वैश्विक व्यापार में रुकावट डालने वाली बातों से बचने के लिए मजबूत फायदे भी हैं. इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मिसाइल भेजने को लेकर चीन के अंदर चल रही बहस इन हितों के बीच तनाव को दिखाती है. खासकर जब वे मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक और आर्थिक जुड़ाव बढ़ा रहे हैं.

ये भी पढ़ें :- हैती के ऐतिहासिक किले में भारी भगदड़, 30 लोगों की दर्दनाक मौत, देश के PM ने बताया बहुत बड़ी त्रासदी

Latest News

सरोजिनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ‘नेट ज़ीरो इंडस्ट्री’ लॉन्च के साथ भारत की औद्योगिक हरित क्रांति का किया नेतृत्व, वित्त मंत्री सुरेश...

डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में सरोजिनी नगर में ‘नेट ज़ीरो इंडस्ट्री’ पहल की शुरुआत हुई. इस मिशन के तहत उद्योगों को हरित और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा.

More Articles Like This