Liver and kidneys : हमारा शरीर कभी अचानक से बीमार नहीं पड़ता, बल्कि वह पहले छोटे-छोटे संकेत देता है. जैसे- थकान, दिमाग का भारी लगना, त्वचा में बदलाव या हल्की-फुल्की असहजता, ये सब यूं ही नहीं होते. शरीर यह संकेत देते हैं कि शरीर के अंदर कहीं न कहीं दबाव बन रहा है. समस्या यह है कि ज्यादातर लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं और तब ध्यान देते हैं जब दर्द शुरू हो जाता है. डॉ. का कहना है कि “ज्यादातर अंगों को होने वाला नुकसान बिना किसी स्पष्ट लक्षण के ही होता है. ऐसे में लोग इन संकेतों को इसलिए नजरअंदाज कर देते हैं क्योंकि ये साफ नजर नहीं आते.” यही सबसे बड़ा खतरा है कि जब तक लक्षण गंभीर बनते हैं, तब तक नुकसान गहरा हो चुका होता है.
वैसे तो आज के समय में थकान एक आम समस्या बन गई है, लेकिन अगर सही नींद लेने के बाद भी थकान बनी रहती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. माना जाता है कि यह सिर्फ व्यस्त दिनचर्या की वजह से नहीं होता, बल्कि यह लिवर या किडनी पर बढ़ते दबाव का संकेत हो सकता है. डॉ. के मुताबिक, “क्रॉनिक थकान का मतलब सिर्फ नींद की कमी नहीं, बल्कि लिवर या किडनी में समस्या भी हो सकती है.”
ऐसे में दिमाग भी अपने तरीके से संकेत देता है. जैसे- बार-बार सिरदर्द होना, ध्यान लगाने में दिक्कत या दिमाग का धुंधला लगना अक्सर लोग तनाव या स्क्रीन टाइम का असर मान लेते हैं. इसे लेकर एक्सपर्ट बताते हैं कि यह डिहाइड्रेशन, हाई ब्लड प्रेशर या शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ने का संकेत हो सकता है.
इसके साथ ही शरीर के कुछ और संकेत भी बहुत कुछ बताते हैं. जैसे- पैरों में सूजन या आंखों के आसपास फुलाव, ये सब किडनी स्ट्रेस की ओर इशारा कर सकते हैं. इसी तरह बार-बार पेट फूलना, भूख कम लगना या खाने के बाद असहजता महसूस होना लिवर या पैंक्रियाज की परेशानी का संकेत हो सकता है. इसके अलावा बालों का पतला होना या नाखूनों का कमजोर होना भी पोषण की कमी या आंतरिक असंतुलन दर्शाता है. कई बार हल्की-फुल्की समस्याएं जैसे पीठ में जकड़न, पैरों में सुन्नता या खड़े होने पर चक्कर आना भी नजरअंदाज कर दिए जाते हैं.
इस दौरान इन सभी संकेतों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि रोजमर्रा की अच्छी आदतें अपनाना. पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा नमक-चीनी से दूरी बनाना, नियमित व्यायाम और पूरी नींद, ये सब शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इसके साथ ही, बिना लक्षण के भी समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराना जरूरी है. बताया जा रहा है कि आजकल लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां चुपचाप बढ़ रही हैं और अक्सर इनका पता तब चलता है जब लोग रूटीन चेकअप करवाते हैं. यानी शरीर पहले संकेत देता है, लेकिन हम उन्हें समझ नहीं पाते. इसलिए समय से चेकअप करवाना जरूरी है.
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