New Delhi: नेपाल के कपिलवस्तु जिले में दो पाकिस्तानी महिलाओं के चोरी करते पकड़े जाने की घटना के बाद हड़कंप मच गया है. भारत-नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. बिना वीजा आवाजाही, सीमित चेकिंग, लोकल स्तर पर निगरानी की चुनौती आदि एंगल पर जांच कर रही हैं. इस घटना ने अब एक बड़ा सुरक्षा सवाल खड़ा कर दिया है. यह सिर्फ एक सामान्य चोरी का मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से देख रही हैं.
ISIS या पाक सेना की साजिश
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह नेपाल में पाकिस्तानी महिलाओं की एंट्री ISIS या पाक सेना की साजिश भी हो सकती है? दोनों महिलाएं ज्वेलरी शॉप में ग्राहक बनकर पहुंचीं और गहने देखने के बहाने चोरी कर ली. बाद में CCTV फुटेज के आधार पर उन्हें पकड़ लिया गया. जब उनके पास से पाकिस्तान के पासपोर्ट मिले, तो मामला और संवेदनशील हो गया.
अपने फैसले खुद ले रही है बालेन सरकार
विशेषज्ञों के अनुसार नेपाल में पहले ओली सरकार चीन की कठपुतली मानी जाती थी. लेकिन नई बालेन शाह सरकार अपने फैसले खुद ले रही है, जिससे पाकिस्तान और चीन नाखुश हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि किसी विदेशी नागरिक का इस तरह दूसरे देश में जाकर लगातार चोरी की घटनाएं करना यह संकेत देता है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत अपराध तक सीमित नहीं भी हो सकता. खासकर तब, जब घटनाएं अलग-अलग शहरों में दोहराई गई हों.
भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा
चिंता की बात ये है कि भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा है, जहां आवाजाही आसान है. यही वजह है कि इस तरह की घटनाएं सीधे भारत की सुरक्षा से भी जुड़ जाती हैं. इसलिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं. यह घटना बताती है कि छोटी लगने वाली घटनाएं भी बड़े खतरे का संकेत हो सकती हैं. सीमा सुरक्षा और इंटेलिजेंस को मजबूत करना जरूरी है. दोनों देशों के बीच समन्वय और बढ़ाना होगा.
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