होर्मुज में जहाजों की छूट के बाद ईरान ने फिर दी ट्रंप को धमकी, अमेरिका ने नाकेबंदी…

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Hormuz Crisis : काफी लंबे समय से ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ऐलान किया और कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आजादी बहाल करने के लिए दर्जनभर से ज्यादा देश रक्षा मिशन में शामिल होने को तैयार हैं. जानकारी के मुताबिक, पेरिस में फ्रांस और ब्रिटेन ने 49 देशों की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें बहुराष्ट्रीय सुरक्षा मिशन की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई.

इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान सीजफायर के बाद होर्मुज को कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया है, साथ ही ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की अनुमति जरूरी कर दी गई है. इस मामले को लेकर ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए फंड को फ्री करना भी इस सौदे का हिस्सा है.

लंदन में एक सैन्य योजना सम्मेलन आयोजित

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार अमेरिकी नेवी ने अभी भी समुद्री सुरंगों के जोखिम की स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बात कही है. इसके साथ ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ये भी कहा कि होर्मुज को फिर से खोलना एक वैश्विक जरूरत और जिम्मेदारी है और साथ ही इसे आगे ले जाने के लिए अगले हफ्ते लंदन में एक सैन्य योजना सम्मेलन आयोजित किया जाएगा. बता दें कि इसमें मिशन की संरचना और इसमें शामिल होने वाले देशों की संपत्ति और संसाधनों का ऐलान किया जाएगा और फ्रांस, जर्मनी और इटली के साथ मिलकर इस अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है.

ईरान द्वारा तय जलमार्ग से ही मुमकिन

ऐसे में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से शिपिंग सिर्फ ईरान द्वारा तय जलमार्ग से ही मुमकिन होगी. ऐसे में IRGC ने निर्देश देते हुए कहा है कि सभी जहाजों को गुजरने के लिए उनकी अनुमति लेनी होगी. जानकारी के मुताबिक, नागरिक जहाजों को ईरानी रास्तों से जाने दिया जाएगा, लेकिन सैन्य जहाजों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.

लेबनान में सीजफायर के बाद नरमी दिखाने के इशारे

इतना ही नही ब‍ल्कि ईरान ने चेतावनी दी और कहा कि अगर उनके बंदरगाहों पर अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी जारी रहती है, तो वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा. इस दौरान विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर ईरान के आर्थिक हितों और बंदरगाहों को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया तो वे अपनी कूटनीति में कठोर रुख अपनाएंगे. फिलहाल लेबनान में सीजफायर के बाद ईरान ने कुछ नरमी दिखाने के इशारे किए हैं.

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