देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली में छात्र संगठन NSUI ने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई।

प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि NEET परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और कई राज्यों से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। इसी को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की देखने को मिली
दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारी लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे।
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इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं। कई नेताओं ने कहा कि यदि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और छात्रों को न्याय मिलना चाहिए।
जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई
वहीं, जांच एजेंसियां भी पूरे मामले की पड़ताल में जुट गई हैं। कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर कई स्तरों पर जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मामले से जुड़े कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है।
इस पूरे विवाद के बीच लाखों छात्र और अभिभावक चिंता में हैं। सोशल मीडिया पर भी NEET परीक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही कोई बड़ा फैसला लिया जाना चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश स्थित लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्र पंचायत ने NEET परीक्षा रद्द होने को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि परीक्षा का रद्द होना सीधे तौर पर शिक्षा व्यवस्था में हो रहे भ्रष्टाचार को दर्शाता है। आज लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने इसे एनटीए जैसी एजेंसियों के साथ-साथ सरकार की भी बड़ी नाकामी बताया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने की मांग की है।

