Middle East conflict: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ते दिखाई दें रहे हैं. सीजफायर के बाद भी दुश्मन देश एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं. ऐसे में ही एक बार फिर से अमेरिकी सैनिकों ने ईरान के ‘केशम द्वीप’ समूह पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए है. अमेरिका का कहना है कि ‘केशम द्वीप’ पर हमला अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने का जवाब है.
दरअसल, ईरान ने मंगलवार को एक बार फिर कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की थीं, मगर वो सटीक निशाने लगाते, इससे पहले मिसाइलों को हवा में ही निरस्त कर दिया. ईरान के इस एक्शन का अमेरिकी सेना ने ईरानी क्षेत्र में घुसकर जवाब दिया है
ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला
बता दे कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के बीच, कुवैत के कई हिस्सों में एक बार फिर जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी. हालांकि कुवैती हवाई रक्षा नेटवर्क ने सक्रिय रूप से काम करते हुए आने वाले हवाई खतरों की लहर को बेअसर कर दिया. ईरान ने कुवैत और बहरीन समेत क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया.
IRGC के दावे को अमेरिका ने बताया झूठा
हालांकि ईरान का दावा है कि उसने अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर सफल हमला किया, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. अमेरिका का कहना है कि ईरान के सभी हमले नाकाम रहे. जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप और गोरुक क्षेत्र में स्थित रडार, ड्रोन कंट्रोल साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी.
केशम द्वीप पर अमेरिका हमले का जवाब
वहीं, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया कि इन हवाई हमलों में जानबूझकर कुवैत में तैनात अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था और इस हमले को हालिया पश्चिमी सैन्य युद्धाभ्यासों के खिलाफ एक प्रत्यक्ष जवाबी कार्रवाई के रूप में पेश किया. जबकि अमेरिका सेना का दावा है कि ईरान की दो मिसाइलें या तो लक्ष्य से चूक गई या वो रास्ते में ही नष्ट हो गई. वहीं, बहरीन पर दागी गई तीन मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीन वायु रक्षा बलों ने हवा में ही मार गिराया.

