ट्रंप को नहीं रहा नेतन्याहू पर ऐतबार? इजरायल में जासूसी के डर से US अधिकारी कर रहे ‘बर्नर फोन’ का इस्तेमाल 

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Israel America: ईरान के खिलाफ एक बड़े संयुक्त सैन्य अभियान को अंजाम देने के कुछ ही महीनों बाद, अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि पेंटागन ने इजरायल के लिए अपने काउंटर-इंटेलिजेंस (जवाबी जासूसी) खतरे के आकलन को बढ़ाकर सबसे ऊंचे स्तर यानी ‘क्रिटिकल’ कर दिया है. बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ युद्ध के भविष्य को लेकर वॉशिंगटन और तेल अवीव के बीच मतभेद गहरा गए हैं.

दरअसल, बीते दिनों पूरी दुनिया ने ट्रंप और नेतन्याहू की तल्खी देखी. इसे बाद में ट्रंप ने कबूल भी किया था. वहीं, मीडिया रिपोर्ट में इस बात मुहर लग गई है कि अमेरिका को इजरायल पर ऐतबार नहीं रहा. कहा जा रहा है कि पेंटागन की डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) ने हाल ही में एक इंटरनल मैसेज जारी कर इस बदलाव की जानकारी दी. इसके अलावा दो मौजूदा और एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि कर दी है.

दरअसल, पेंटागन के भीतर इस बात को लेकर टेंशन हैं कि इजरायल अमेरिकी प्रशासन के सीनियर अधिकारियों की टारगेटेड मॉनिटरिंग कर रहा है. उसका मकसद मध्य पूर्व के संघर्षों को लेकर ट्रंप प्रशासन के आंतरिक फैसलों और चर्चाओं की खुफिया जानकारी निकालना है.

खुफिया रिपोर्ट में बड़ा दावा

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि DIA के इस आंतरिक मूल्यांकन में सात पन्नों का एक दस्तावेज और एक डिटेल्ड चार्ट शामिल है. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इंसानी जरिया और तकनीकी माध्यमों से जानकारी जुटाने की इजरायल की क्षमता अब ‘क्रिटिकल लेवल’ पर पहुंच चुकी है. इसके साथ ही कुछ खास घटनाओं का भी जिक्र किया गया है.

इस दौरान ध्यान देने वाली बात ये है कि सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिकी अधिकारी इजरायल दौरों पर बेहद सावधानी बरत रहे हैं. उनका कहना है कि इजरायल जाने वाले वरिष्ठ अमेरिकी प्रतिनिधि अक्सर वहां ‘बर्नर फोन’ और खास कंप्यूटरों का इस्तेमाल करते हैं. वे वहां के होटलों में रुकने के दौरान बातचीत करते समय भी बेहद सतर्क रहते हैं, क्योंकि इजरायल को आक्रामक तरीके से खुफिया जानकारी जुटाने के लिए जाना जाता है.

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