UNSC: भारत का पाकिस्तान के हमलों के खिलाफ UN-अफगानिस्तान के रुख का समर्थन, 65 दिनों में 372 अफगानी मारे

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United Nations: भारत ने पाकिस्तान के हमलों के खिलाफ अफगानिस्तान और संयुक्त राष्ट्र का पुरजोर समर्थन किया है. साथ ही अपने पड़ोसी देश के विरुद्ध इस्लामाबाद द्वारा की जा रही अविवेकपूर्ण हिंसा की कड़ी निंदा भी की है. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 जनवरी से 31 मार्च के बीच 372 अफगानी नागरिक मारे गए और 392 घायल हुए.

एयर स्ट्राइक और क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग

इनमें से ज्यादातर आम लोगों की मौत एयर स्ट्राइक से और कुछ क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग से भी हुई. रिपोर्ट में कहा गया है कि एक एयर स्ट्राइक 16 मार्च को काबुल के ओमिड ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल पर हुई थी, जिसमें 269 लोग मारे गए और 122 घायल हुए. मृतकों में ज्यादा लोग मरीज थे. भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि पाकिस्तान ने आज अपने बयान में यूएनएएमए (अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन) के इरादों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं.

दोहरे मापदंडों का स्पष्ट उदाहरण

अफगानिस्तान के हालात पर एक चर्चा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि हम इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र के समर्थन के लिए कोई कोई ऐसा विकल्प नहीं है, जिसे अपनी सुविधा के अनुसार चुना या छोड़ा जा सके. उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और इस्लामी एकजुटता के उच्च सिद्धांतों के संदर्भ में दोहरे मापदंडों का स्पष्ट उदाहरण हैं.

महासचिव की गहरी चिंता

उन्होंने कहा कि हम यूएनएएमए रिपोर्ट में बताए गए एयरस्ट्राइक, क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग और टारगेटेड किलिंग से आम लोगों के मारे जाने पर महासचिव की गहरी चिंता को दोहराते हैं. हम महासचिव की उस अपील का समर्थन करते हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जिम्मेदारियों का पालन करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है. उन्होंने आगे कहा कि हम यूएनएएमए की पहले की उन अपीलों का भी समर्थन करते हैं जिनमें जवाबदेही सुनिश्चित करने, घटनाओं को दोबारा होने से रोकने और पीड़ितों के अधिकारों को बनाए रखने के लिए जांच की मांग की गई थी.

बाहरी कारकों पर डालने की कोशिश

पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट ने अफगानिस्तान की स्थिति की जिम्मेदारी को बाहरी कारकों पर डालने की कोशिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान से यूएनएएमए की रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता और तालिबान के साथ उसके संवाद की प्रकृति को लेकर गंभीर प्रश्न हैं.

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