UN में पाकिस्तान-चीन को बड़ा झटका, BLA को आतंकी घोषित कराने की कोशिश नाकाम, अमेरिका ने प्रस्ताव को रोका

Must Read

United Nations: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान और चीन को बड़ा झटका लगा है. दोनों देशों ने मिलकर संयुक्त रूप से बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी आत्मघाती इकाई मजीद ब्रिगेड को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित कराने का प्रयास किया था. अमेरिका ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ने से रोक दिया, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इसका समर्थन नहीं किया.

प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची का प्रस्ताव

यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अतीत में चीन ने कई बार भारत और अमेरिका द्वारा पाकिस्तान आधारित आतंकवादियों और संगठनों को संयुक्त राष्ट्र की आतंकवादी सूची में शामिल कराने के प्रस्तावों को रोक दिया था. पाकिस्तान और चीन ने सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के समक्ष BLA और मजीद ब्रिगेड को प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव रखा था. लेकिन इस महीने अमेरिका ने इस प्रक्रिया पर रोक लगा दी. फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इसी रुख का समर्थन किया.

BLA और मजीद ब्रिगेड अफगानिस्तान में मौजूद

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि BLA और मजीद ब्रिगेड अफगानिस्तान में मौजूद सुरक्षित ठिकानों से पाकिस्तान और विशेष रूप से बलूचिस्तान में हमलों को अंजाम देते हैं. पाकिस्तान का कहना है कि इन संगठनों के कारण उसके नागरिकों, सुरक्षा बलों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़ी परियोजनाओं को खतरा है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने हाल ही में सुरक्षा परिषद की बैठक में दावा किया था.

BLA और मजीद ब्रिगेड आतंकवादी संगठन

अफगानिस्तान में 60 से अधिक आतंकवादी शिविर सक्रिय हैं, जहां से आईएसआईएल-के, अलकायदा, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट, BLA और मजीद ब्रिगेड जैसी संस्थाएं गतिविधियां चला रही हैं. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान और चीन ने मिलकर 1267 प्रतिबंध समिति से BLA और मजीद ब्रिगेड को आतंकवादी संगठन घोषित करने का अनुरोध किया है और उम्मीद जताई थी कि परिषद शीघ्र कार्रवाई करेगी.

प्रयास फिलहाल नहीं हो पाया सफल 

हालांकि अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के रुख के कारण यह प्रयास फिलहाल सफल नहीं हो पाया. पहली बार चीन स्वयं किसी संगठन पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसे पश्चिमी देशों के विरोध का सामना करना पड़ा.

इसे भी पढ़ें. आयरलैंड में बढ़ा तनाव, चाकूबाजी की घटना के बाद भड़के लोग, घरों और वाहनों में लगाई आग

Latest News

India Renewable Energy: स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बड़ी उपलब्धि, क्षमता 300 GW के पार; 2030 तक 530 GW का अनुमान

India Renewable Energy: भारत वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा बाजार में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. देश में...

More Articles Like This