MP Rajya Sabha: MP की तीन सीटों पर निर्विरोध निर्वाचित हुए बीजेपी उम्मीदवार, रिटर्निंग अफसर ने दिया प्रमाण पत्र

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Mp Rajya Sabha Election: मध्य प्रदेश से सियासत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. यहां राज्यसभा की तीन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को आज ही जीत का प्रमाण पत्र दे दिया गया. दरअसल, नाम वापसी की समय-सीमा खत्म होने के बाद और केवल तीन पदों के लिए तीन ही नामांकन शेष रहने के चलते सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं. ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंप दिया है.

मालूम हो कि राज्यसभा चुनाव के लिए आज (11 जून) को दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा तय है, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद स्थिति यह बन गई कि तीन सीटों के मुकाबले केवल तीन ही उम्मीदवार मैदान में रह गए, जिससे चुनाव निर्विरोध हो गया. जिसके बाद भाजपा के तीनों राज्यसभा सांसदों का स्वागत पार्टी कार्यालय में करने की भी तैयारी की जा रही है. विधायक दल के बाद ये सभी नव-निर्वाचित सांसद बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे, जहां प्रदेश अध्यक्ष उनका स्वागत करेंगे. इन सीटों से भाजपा के तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट का राज्यसभा जाना तय हो गया है.

क्यों आई ऐसी स्थिति?

यह पूरा विवाद कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन खारिज होने के बाद शुरू हुआ. बीजेपी ने उन पर आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था. स्क्रूटनी के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने आपत्ति सही मानते हुए उनका नामांकन रद्द कर दिया. इसके बाद कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और सड़क पर प्रदर्शन भी किया. मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली. आयोग ने भी आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने को आधार मानते हुए नामांकन खारिज रखने का निर्णय बरकरार रखा. फिलहाल, कांग्रेस की ओर से मीनाक्षी नटराजन ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

जाने क्या था मामला?

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई है. भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित प्रकरण की जानकारी नहीं दी है. इसी आधार पर बीजेपी ने उनका नामांकन निरस्त करने की मांग की है. वहीं, कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. पार्टी के मुताबिक, उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था, इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख करना जरूरी नहीं समझा.

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