Bangladesh Crime: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और प्रताड़ना की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. शेख हसीना की सरकार जाने के बाद वहां हालात और भी ज्यादा खराब हो गए हैं. अब ताजा मामला रंगपुर संभाग के पलाशबाड़ी इलाके से सामने आया है, जहां कट्टरपंथियों के दबाव में भगवान राम की एक निर्माणाधीन मूर्ति का काम रुक गया है.
क्या कहा मंदिर समिति ने?
मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि उन्हें कट्टरपंथी संगठनों से लगातार धमकियां मिल रही थीं. इन संगठनों ने चेतावनी दी थी कि वे मूर्ति को ध्वस्त कर देंगे और इलाके में हिंसा फैलाएंगे. क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए मंदिर प्रबंधन ने फिलहाल निर्माण कार्य को स्थगित करने का निर्णय लिया है.
मीडिया को मंदिर समिति के एक सदस्य ने बताया कि समाज और देश के हित को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर जरूरत महसूस हुई, तो वे सभी पक्षों को बुलाएंगे और उनके सुझाव लेने के बाद ही दोबारा काम को शुरू करने पर विचार करेंगे.
कैस शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब, ‘इंसाफ कायमकारी छात्र श्रमिक जनता’ नाम के एक कट्टरपंथी संगठन से जुड़े उपदेशक ने इस मूर्ति को लेकर धमकी दी. सोशल मीडिया पर वायरल हुए बयानों में इस उपदेशक ने मांग की कि पलाशबाड़ी में बन रही भगवान राम की मूर्ति को बुलडोजर से तोड़ देना चाहिए. उसने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि अगर सरकार ने इसे नहीं हटाया, तो आम लोग खुद इसे तोड़ देंगे.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कट्टरपंथी उपदेशक ने न केवल मूर्ति को निशाना बनाया, बल्कि कई भड़काऊ भाषण भी दिए. उसने भारत और दक्षिण एशियाई देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं. उसकी इन बातों से इलाके में तनाव काफी बढ़ गया.
मालूम हो कि बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक संकट के बाद से ही अल्पसंख्यक हिंदू समाज लगातार उपद्रवियों के निशाने पर है. वहां हुई हिंसा में कई हिंदुओं की जान जा चुकी है, जबकि उनके घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ व नुकसान पहुंचाया गया है. इससे वहां रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है.

