Sensex opening bell: बुधवार को कैसे हुई भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत, मानसून पर टिकी सभी नजर 

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Sensex opening bell: अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद बुधवार सुबह के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 8.58 अंक या 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,817.58 पर कारोबार कर रहा था जबकि निफ्टी 1 अंक की मामूली गिरावट के साथ 23,988 पर था.

वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 58.89 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,044.50 पर खुला. सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा. इसके बाद निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया का स्थान रहा. इसके अलावा, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी फार्मा 0.24 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.

मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव

वहीं, मेटल और रियल्टी शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया. निफ्टी मेटल 0.87 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.68 प्रतिशत गिर गए. निफ्टी ऑटो, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. निफ्टी 50 के शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, ट्रेंट, ओएनजीसी, भारती एयरटेल, डॉ. रेड्डी लेबोरेट्री और एक्सिस बैंक प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निकट अवधि में बाजार की दिशा को दो प्रमुख कारक प्रभावित कर सकते हैं- एक सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक. विशेषज्ञों ने कहा कि “सकारात्मक पक्ष यह है कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार और तेज गिरावट आ रही है. पिछले पांच दिनों में ब्रेंट क्रूड लगभग 16 प्रतिशत गिरकर करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे भारत के भुगतान संतुलन घाटे के बढ़ने की आशंकाएं कम हुई हैं.”

खाद्य मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ा रही मानसून की कमी

नकारात्मक पक्ष यह है कि मानसून की कमी खाद्य मुद्रास्फीति को लेकर चिंताएं बढ़ा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधि बेहतर हो सकती है, जैसा कि अतीत में भी देखा गया है. विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि सकारात्मक रुझान जारी रह सकता है क्योंकि रुपया लगातार मजबूत हो रहा है और आगे भी इसमें मजबूती आने की संभावना है. कमोडिटी बाजार में अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.72 प्रतिशत गिरकर 78.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड लगभग 1 प्रतिशत गिरकर 75.35 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

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