सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार सपाट शुरुआत के साथ खुला. सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर बाजार पर दिखाई दिया.
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. इस गिरावट के चलते HDFC बैंक समेत कई बड़ी कंपनियों का मार्केटकैप अरबों रुपये घट गया.
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में निफ्टी 500 कंपनियों के मुनाफे में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बजाज फिनसर्व एएमसी की रिपोर्ट के अनुसार यह पिछले आठ तिमाहियों की सबसे मजबूत वृद्धि है.
Iran-Israel तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, लेकिन पावर सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई. Adani Power, JSW Energy, BHEL और Torrent Power जैसे शेयर कमजोर बाजार में भी टॉप गेनर बनकर उभरे.
एलपीजी की संभावित कमी की खबरों के बीच ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके चलते होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी उछाल देखा गया.
मध्यपूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला. बीते सप्ताह L&T समेत कई बड़ी कंपनियों के मार्केटकैप में भारी गिरावट दर्ज की गई.
तीन महीने की भारी बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों की भारतीय शेयर बाजार में जोरदार वापसी हुई है. फरवरी के पहले पखवाड़े में ही ₹19,675 करोड़ का निवेश हुआ जिससे बाजार में सुधार के संकेत मिल रहे हैं.
भारतीय स्टेट बैंक ने FY26 की तीसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. बैंक का मुनाफा 24.5% बढ़कर ₹21,028 करोड़ पहुंच गया, जबकि ग्रॉस और नेट एनपीए में गिरावट दर्ज की गई. नेट इंटरेस्ट इनकम और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो में भी मजबूती दिखी है.