Om Power Transmission IPO Listing: शेयर बाजार में 17 अप्रैल को ओम पावर ट्रांसमिशन के शेयरों ने मजबूत और सकारात्मक शुरुआत की. कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपने इश्यू प्राइस ₹175 के मुकाबले 6.29 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ ₹186 पर लिस्ट हुए. वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 3.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹181.10 के स्तर पर खुले.
यह लिस्टिंग कई मायनों में खास रही, क्योंकि बाजार में एंट्री के साथ ही इस शेयर ने निवेशकों को उम्मीद से बेहतर रिटर्न दिया. खास बात यह रही कि यह प्रदर्शन ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के अनुमान से कहीं ज्यादा बेहतर रहा.
लिस्टिंग से पहले ओम पावर ट्रांसमिशन का GMP केवल ₹2 के आसपास चल रहा था, जो लगभग 1.14 प्रतिशत के मामूली मुनाफे का संकेत दे रहा था. लेकिन वास्तविक लिस्टिंग में कंपनी के शेयरों ने इससे कई गुना बेहतर प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को सरप्राइज कर दिया.
आईपीओ को मिला अच्छा रिस्पॉन्स
ओम पावर ट्रांसमिशन का यह आईपीओ ₹150.06 करोड़ का था, जो 9 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था. इस दौरान निवेशकों की ओर से इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला.
अंतिम दिन तक यह आईपीओ कुल 3.33 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो यह दर्शाता है कि बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक भावना बनी हुई थी.
16 अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट पूरा किया गया और उसी दिन निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर कर दिए गए. इसके बाद 17 अप्रैल को शेयरों की लिस्टिंग हुई.
सेगमेंट के हिसाब से सब्सक्रिप्शन
आईपीओ को अलग-अलग निवेशक वर्गों से अलग-अलग स्तर पर सब्सक्रिप्शन मिला. नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 7.06 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया, जो इस सेगमेंट की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है.
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) ने इसे 3.65 गुना सब्सक्राइब किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संस्थागत निवेशकों ने भी कंपनी पर भरोसा जताया. रिटेल निवेशकों की ओर से 1.54 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जो आम निवेशकों की संतुलित भागीदारी को दर्शाता है.
इश्यू का ढांचा और फंड का उपयोग
इस आईपीओ के तहत कंपनी ने कुल 0.76 करोड़ नए शेयर जारी किए, जिनकी कुल वैल्यू ₹132.56 करोड़ रही. इसके अलावा प्रमोटर्स ने 0.10 करोड़ शेयरों की बिक्री पेशकश (OFS) के जरिए ₹17.50 करोड़ जुटाए. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से पूंजीगत व्यय के लिए किया जाएगा.
इसमें नई मशीनरी और उपकरणों की खरीद शामिल है, जिससे कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता और ऑपरेशनल दक्षता बढ़ा सकेगी. इसके अलावा इस राशि का उपयोग कंपनी अपने कुछ मौजूदा कर्जों को चुकाने, दीर्घकालिक वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी करेगी.
प्राइस बैंड और निवेश की शर्तें
ओम पावर ट्रांसमिशन ने अपने आईपीओ के लिए ₹166 से ₹175 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था. निवेशकों को न्यूनतम 85 शेयरों के लॉट और उसके गुणकों में आवेदन करने की अनुमति दी गई थी. इस आईपीओ के बुक-रनिंग लीड मैनेजर बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स रहे, जबकि MUFG इंटाइम इंडिया को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था.
कंपनी का कारोबार क्या है
ओम पावर ट्रांसमिशन एक पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेवाएं प्रदान करती है. कंपनी हाई-वोल्टेज (HV) और एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज (EHV) ट्रांसमिशन लाइनों, सबस्टेशनों के निर्माण, अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स और ऑपरेशन व मेंटेनेंस (O&M) सेवाओं में काम करती है.
यह सेक्टर देश के बिजली नेटवर्क के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए भविष्य में अच्छे अवसर मौजूद हैं.
मार्केट संकेत और निवेशकों के लिए संदेश
कंपनी की प्रीमियम लिस्टिंग यह दर्शाती है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स, सेक्टर और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है. लिस्टिंग गेन के बावजूद, निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनाने और जोखिम को समझकर ही निवेश करना चाहिए.
⚠️ डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से दी गई है और इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड निवेश सलाहकार से परामर्श जरूर करें.
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