Market Cap Update India: भारतीय शेयर बाजार में बीते सप्ताह हल्की लेकिन स्थिर तेजी देखने को मिली, जिसका असर देश की बड़ी कंपनियों के मार्केटकैप पर भी साफ नजर आया. 27 से 30 अप्रैल के बीच हुए कारोबारी सत्र में बाजार हरे निशान में बंद हुआ और इस दौरान देश की शीर्ष 10 कंपनियों में से चार कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में कुल मिलाकर 2.20 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि इस तेजी के बीच कुछ दिग्गज कंपनियों को नुकसान भी झेलना पड़ा, जिससे बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिला. निवेशकों के लिए यह हफ्ता उतार-चढ़ाव के साथ अवसरों और जोखिम दोनों का संकेत देता रहा.
बाजार का प्रदर्शन: हल्की बढ़त के साथ हफ्ते का समापन
बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला. 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के चलते बाजार बंद रहा, लेकिन उससे पहले के चार कारोबारी दिनों में सेंसेक्स 249.29 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,913.50 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 99.60 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,997.55 के स्तर पर पहुंच गया. यह दर्शाता है कि बाजार में स्थिरता के साथ निवेशकों का भरोसा बना हुआ है.
इन कंपनियों का मार्केटकैप बढ़ा
इस दौरान कुछ बड़ी कंपनियों को बाजार की तेजी का सीधा फायदा मिला. भारती एयरटेल का मार्केटकैप 43,503.51 करोड़ रुपये बढ़कर 11,49,222.13 करोड़ रुपये हो गया. यह वृद्धि इस हफ्ते की सबसे बड़ी बढ़तों में शामिल रही. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का बाजार पूंजीकरण 27,569.83 करोड़ रुपये बढ़कर 8,94,933.95 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 9,432.32 करोड़ रुपये बढ़कर 5,83,123.13 करोड़ रुपये हो गया. इन कंपनियों के प्रदर्शन ने बाजार की मजबूती को सहारा दिया.
इन दिग्गज कंपनियों को हुआ नुकसान
जहां कुछ कंपनियों ने तेजी दर्ज की, वहीं कई बड़ी कंपनियों को गिरावट का सामना करना पड़ा. ICICI बैंक का मार्केटकैप 45,364.62 करोड़ रुपये घटकर 9,04,980.78 करोड़ रुपये रह गया. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बाजार पूंजीकरण 30,922.57 करोड़ रुपये कम होकर 9,85,829.96 करोड़ रुपये हो गया. चडीएफसी बैंक को भी नुकसान हुआ और उसका मार्केटकैप 20,951.31 करोड़ रुपये घटकर 11,87,274.17 करोड़ रुपये पर आ गया. इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर, एलआईसी और लार्सन एंड टुब्रो जैसी कंपनियों के मार्केटकैप में भी गिरावट दर्ज की गई.
सबसे मूल्यवान कंपनी कौन रही
मिश्रित रुझान के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही. इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा. यह सूची दर्शाती है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद बड़ी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है.
निफ्टी का आउटलुक: आगे क्या कहता है बाजार
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,300 से 24,400 के बीच का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है, जहां बाजार को बिकवाली का दबाव झेलना पड़ सकता है. वहीं 23,800 का स्तर अहम सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है. अगर यह स्तर टूटता है, तो निफ्टी 23,600 से 23,400 के दायरे तक फिसल सकता है. ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक इन तकनीकी स्तरों पर निर्भर करेगी.
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