Tax Deadlines May 2026: मई का महीना टैक्स के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि इस दौरान टीडीएस, टीसीएस और कई जरूरी टैक्स फाइलिंग से जुड़ी डेडलाइंस एक के बाद एक आती हैं. अक्सर करदाता इन तारीखों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है. समय पर जरूरी दस्तावेज जमा न करने या टैक्स का भुगतान न करने पर जुर्माना और ब्याज दोनों लग सकते हैं.
ऐसे में जरूरी है कि आप मई महीने की सभी अहम टैक्स तारीखों को पहले से समझ लें और समय रहते अपनी जिम्मेदारियां पूरी कर लें, ताकि किसी तरह की कानूनी या आर्थिक परेशानी से बचा जा सके.
7 मई: टीडीएस-टीसीएस जमा करने की आखिरी तारीख
मई की पहली बड़ी डेडलाइन 7 मई है. इस दिन तक करदाताओं को अप्रैल 2026 के लिए काटे गए टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) और टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को जमा करना अनिवार्य है. इसके साथ ही इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 394(2) के तहत डिक्लेरेशन जमा करना भी जरूरी है. यह डिक्लेरेशन उन मामलों में लागू होता है, जहां खरीदार अप्रैल 2026 में किए गए लेन-देन पर कर संग्रह के बिना माल प्राप्त करना चाहते हैं.
15 मई: TDS सर्टिफिकेट जारी करने की डेडलाइन
15 मई तक करदाताओं और संस्थाओं को मार्च 2026 में काटे गए टैक्स के लिए टीडीएस सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य है. यह सर्टिफिकेट उन लोगों के लिए जरूरी होता है, जिनका टैक्स स्रोत पर काटा गया है, ताकि वे अपने आयकर रिटर्न में इसका सही उपयोग कर सकें.
30 मई: कंपनियों के लिए अहम दिन
30 मई की तारीख कंपनियों और कुछ विशेष गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इस दिन तक वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए टीसीएस सर्टिफिकेट जारी करना अनिवार्य है. इसके अलावा, सिनेमा निर्माण या इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 285B के तहत आने वाली गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी इसी दिन तक अपना वित्तीय विवरण जमा करना होता है. यही नहीं, करदाताओं को इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 393(1) के तहत पिछले महीने के लेन-देन के लिए काटे गए टैक्स का चालान-सह-विवरण भी 30 मई तक दाखिल करना जरूरी है.
31 मई: सबसे अहम डेडलाइन
31 मई को महीने की सबसे महत्वपूर्ण तारीखों में गिना जाता है, क्योंकि इस दिन कई बड़े अनुपालन पूरे करने होते हैं. स्वीकृत पेंशन निधियों के न्यासियों को अंशदान से काटे गए कर का रिटर्न इसी दिन तक दाखिल करना होता है. इसके अलावा, वित्तीय संस्थानों के लिए भी यह दिन बेहद अहम है. उन्हें धारा 285BA(1)(k) के तहत फॉर्म 61B में कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए रिपोर्टेबल खातों का विवरण ई-फाइल करना अनिवार्य है. साथ ही निर्दिष्ट संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए फॉर्म 61A में वित्तीय लेनदेन का विवरण भी जमा करना होता है.
क्यों जरूरी है समय पर टैक्स फाइलिंग
टैक्स से जुड़ी डेडलाइंस का पालन करना सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. समय पर टैक्स जमा करने और दस्तावेज फाइल करने से न केवल पेनाल्टी से बचा जा सकता है, बल्कि आपकी वित्तीय प्रोफाइल भी मजबूत रहती है. अगर इन तारीखों को नजरअंदाज किया जाता है, तो ब्याज, जुर्माना और नोटिस जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं.
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