Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के मिनाब गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले पर बडा बयान दिया है. ट्रम्प ने अमेरिकी मिसाइल के इस्तेमाल से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि उस वक्त हर तरफ मिसाइलें दागी जा रही थीं, इसलिए शायद कभी यह पता नहीं चल पाएगा कि हमले के लिए जिम्मेदार कौन था? ट्रम्प ने कहा, “किसी ने कहा कि यह हमारी मिसाइल थी, लेकिन हो सकता है कि वह हमारी मिसाइल न हो.
स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया
मैंने ऐसा कोई सबूत नहीं देखा, जिससे लगे कि यह हमला हमने किया था.” हालांकि 10 दिन पहले ही ट्रम्प ने इस घटना को गलती बताया था और कहा था कि स्कूल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया. मार्च में आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सेना की शुरुआती जांच में हमले के पीछे अमेरिकी फोर्सेस का रोल होने की आशंका जताई गई थी. हालांकि पेंटागन ने अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है.
175 से ज्यादा बच्चों और शिक्षकों की मौत
ईरान के मुताबिक, 28 फरवरी को मिनाब के गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले में 175 से ज्यादा बच्चों और शिक्षकों की मौत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (UNHRC) ने इस हमले को भयावह बताया था. बहरीन दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका होर्मुज पर किसी एक देश के दावे को स्वीकार नहीं करेगा.
अमेरिका ऐसी शांति का समर्थन करता है
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ समझौता चाहता है, लेकिन अमेरिका ऐसी शांति का समर्थन करता है, जो लंबे समय तक टिके, वास्तविक हो और अमेरिका या उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा को नुकसान न पहुंचाए. रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते में उसके सहयोगी देशों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए. अमेरिका इस समझौते को सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश करेगा.
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