‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज 2026’ के लिए दुनिया के टॉप 10 की शॉर्टलिस्ट में भारत के 7 स्कूल शामिल, ऐसा करने वाला इकलौता देश

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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World’s Best School Prizes 2026: भारतीय शिक्षा जगत के लिए बहुत ही गर्व की खबर सामने आई है. दरअसल, लंदन में ‘वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज 2026’ के लिए दुनिया के टॉप 10 स्कूलों की शॉर्टलिस्ट जारी की गई है, जिसमें भारत के रिकॉर्ड 7 स्कूलों ने अपनी जगह बनाई है. बता दें कि ये 7 स्कूल पूणे, जम्मू, लखनऊ और नोएडा में स्थित हैं. ऐसे में आइए जानते हैं उन स्कूलों के नाम और किस कैटेगरी में इनको मिला है स्थान.

किस कैटेगरी में किस भारतीय स्कूल को मिला स्थान?

इनोवेशन (Innovation) कैटेगरी में पुणे के कसारवाड़ी में स्थित पब्लिक स्कूल ‘PCMC छत्रपति शाहूजी महाराज इंग्लिश मीडियम स्कूल’ और जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में स्थित ‘आर्मी गुडविल स्कूल, वुजूर’ ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है.

सामुदायिक सहयोग (Community Collaboration) कैटेगरी में भारत के तीन स्कूलों को चुना गया है, जिसमें नोएडा का ‘हेल्दी प्लैनेट TGA अर्ली इयर्स स्कूल’, बेंगलुरु की ‘इन्वेंचर एकेडमी’ और लखनऊ के गोमती नगर (विनीत खंड) का ‘सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल’ शामिल है.

पर्यावरण के लिए काम (Environmental Action) कैटेगरी में बेंगलुरु के ‘यूरोस्कूल बैनरघट्टा’ को पर्यावरण की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़े प्रयासों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है.

वहीं, Supporting Healthy Lives कैटेगरी में लखनऊ के ‘सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल’ को बच्चों और समाज को सेहतमंद जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए टॉप 10 में शामिल किया गया है.

फाउंडर ने की भारतीय स्कूलों की तारीफ

इस बीच T4 एजुकेशन और वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज़ के फाउंडर विकास पोटा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि “शॉर्टलिस्ट किए गए इन बेहतरीन स्कूलों में से हर एक ने अपने अनोखे तरीके से युवाओं को एक ऐसी दुनिया के लिए तैयार किया है, जो पहले कभी इतनी अनिश्चित नहीं रही.”

उन्होंने आगे कहा कि “आज बढ़ते टकराव, असमानता और जलवायु संकट जैसी बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें ऐसे लीडर्स की जरूरत है, जो बदलाव ला सकें. ये स्कूल हर दिन अपनी क्लासरूम में दिखाते हैं कि असल में क्या काम करता है. दुनिया भर की सरकारों और स्कूलों को इनके शानदार उदाहरणों से सीखना चाहिए.”

अब आगे क्या होगा?

बता दें कि इन पुरस्कारों के अंतिम विजेताओं का चुनाव दुनिया भर के एक्सपर्ट्स और जजों की एक खास टीम करेगी. इसमे टॉप तीन फाइनलिस्ट और विजेताओं के नामों का ऐलान इसी साल नवंबर में किया जाएगा. इसके साथ ही, शॉर्टलिस्ट किए गए सभी 50 स्कूलों को ‘कम्युनिटी चॉइस अवार्ड’ (Community Choice Award) की रेस में भी शामिल किया गया है. इसके लिए पब्लिक वोटिंग इसी हफ्ते से शुरू हो चुकी है, जिसमें लोग ऑनलाइन वोट कर सकते हैं.

इसके बाद, विजेताओं और शॉर्टलिस्ट हुए स्कूलों को जनवरी 2027 में लंदन में होने वाले ‘वर्ल्ड स्कूल्स समिट’ (World Schools Summit) में आमंत्रित किया जाएगा. वहां ये स्कूल दुनिया भर के बड़े नीति निर्माताओं और शिक्षा जगत की जानी-मानी हस्तियों के सामने अपने अनुभवों और बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करेंगे.

कोविड में हुई थी इसकी पहल

गौरतलब है कि इन पुरस्कारों की शुरुआत के बाद से यह पहला मौका है, जब किसी एक देश के इतने सारे स्कूलों को एक ही साल में शॉर्टलिस्ट किया गया है. भारत ने यह नया रिकॉर्ड इस प्राइज के चौथे साल में बनाया है.  यह ग्लोबल प्राइज यूके (UK) की संस्था ‘T4 एजुकेशन’ द्वारा दिया जाता है. इसकी शुरुआत कोविड महामारी के बाद उन स्कूलों को एक बड़ा मंच देने के लिए की गई थी, जो अपनी क्लासरूम के अंदर और बाहर लोगों की जिंदगी बदलने का बेहतरीन काम कर रहे हैं.

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