‘तीन तलाक से दिलाई निजात, हाथ में दिया लैपटॉप’
अंबेडकरनगर में आयोजित इस भव्य यात्रा में लगभग 8,000 मुस्लिम प्रबुद्धजन और करीब 6,000 पर्दानशीं मुस्लिम महिलाएं व युवतियां शामिल हुईं. ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’, ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारों से पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया.
डॉ. दिनेश शर्मा ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा: “भाजपा सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक की कुप्रथा से आजादी दिलाकर सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार दिया है. हम मुस्लिम युवाओं के हाथ में पंचर लगाने का सामान नहीं, बल्कि पेन और लैपटॉप देना चाहते हैं, ताकि वे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की तरह देश का नाम पूरे विश्व में रोशन कर सकें.”
सपा और कांग्रेस के तुष्टिकरण पर बोला हमला
विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए डॉ. शर्मा ने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति पद के लिए प्रस्तावित किया था. भाजपा उन्हें दूसरी बार भी राष्ट्रपति बनाना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया था. विपक्ष ने मुसलमानों को केवल वोट बैंक माना, जबकि भाजपा उन्हें एक सम्मानित नागरिक की हैसियत से देखती है.
उन्होंने अपने लखनऊ के मेयर कार्यकाल के दौरान मिले मुस्लिम समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यकों को किसी के बहकावे में आए बिना भाजपा के साथ खुलकर खड़े होना होगा. लगभग 1 किलोमीटर लंबी इस तिरंगा यात्रा के दौरान किछौछा शरीफ के सज्जादानशीन सैयद अजीज अशरफ, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बासित अली, जिलाध्यक्ष जावेद मलिक, इस्माइल फारूकी और मुजाहिद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

