PoK Protest: लगातार पाकिस्तान की स्थिति खराब हो रही है. यहां पर खाने के लाले पड़े हैं. आलम यह है कि रावलकोट में लोगों ने मोर्चा खोल दिया है. बीते 9 जून से प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन के बढ़ते हुए दबाव की वजह से यहां पर सरकार ने खाने की सप्लाई को रोक दिया है. आज प्रोटेस्ट के दौरान एक लोकल लीडर ने चेतावनी दी है कि अगर इस्लामाबाद खाने की सप्लाई रोकता रहा, तो लोग दूसरी राह पकड़ सकते हैं. इसके अलावा कहा कि ये लोग कहते हैं कि पाक अधिकृत कश्मीर में जो लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं, वो वफादार नहीं है. शायद ये लोग भूल गए हैं कि हमें इनकी जरूरत नहीं है, बल्कि हमारी जरूरत उन्हें है.
साथ ही साथ कहा कि बंदर के हाथ में माचिस दे दी जाए तो वो पूरे इलाके को आग लगा सकता है. कुछ ऐसे ही हालात पाकिस्तान सरकार के भी हैं. हजारों लोगों ने ये भी ऐलान किया कि PoJK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है.
मालूम हो कि यहां पर में कई हफ्तों से अशांति बढ़ रही है. 5 जून से इंटरनेट सर्विस बंद हैं. इस कदम से उन लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है, जो आर्थिक तंगी और राजनीतिक आवाज की कमी को लेकर विरोध कर रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों के दौरान हिंसक घटनाओं की भी खबरें आई हैं.
स्थानीय ग्रुप्स का दावा है कि पहले हुई झड़पों में दर्जनों लोग मारे गए थे. अगले कुछ दिनों में स्थानीय समुदायों पर दबाव बनाने के लिए कई इलाकों में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई भी रोक दी गई.पाकिस्तान की सीनेट में अपोजिशन लीडर महमूद अचकजई और पूर्व प्राइम मिनिस्टर शाहिद खाकन अब्बासी को PoK में प्रोटेस्टर्स से मिलने की इजाजत नहीं मिली. डेलीगेशन इस्लामाबाद से निकला, लेकिन कहूटा में उसे रोक दिया गया और आगे बढ़ने से रोक दिया गया. इस घटना ने इलाके में तनावपूर्ण पॉलिटिकल हालात को और बढ़ावा दिया.

