New Delhi: भारत ने पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे को ढहाए जाने की खबरों को बुधवार को बेहद दुखद करार देते हुए इस्लामाबाद से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की. भारत ने कहा कि वह इस बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को कथित तौर पर ढहाए जाने से जुड़ी खबरों पर मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए यह टिप्पणी की.
बेहद परेशान करने वाली खबरें
मंत्रालय ने कहा, ‘हमने पाकिस्तान के फारूकाबाद में 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे श्री गुरु सिंह सभा साहिब को ढहाए जाने की बेहद परेशान करने वाली खबरें देखी हैं. हम सिखों के इस पवित्र धार्मिक स्थल के खिलाफ तोड़फोड़ की इस बेहद निंदनीय और जानबूझकर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हैं.’ भारत ने पाकिस्तान सरकार से मामले की तेजी से जांच करने और इस निंदनीय कृत्य को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा देने की मांग की.
सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
पाकिस्तान के फारूखाबाद स्थित मंडी सकराना में एक ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब में तोड़फोड़ की घटना पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने गहरी चिंता जताई है. एसजीपीसी के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से गुरुद्वारों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. बलविंदर सिंह काहलवां ने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन के बाद अनेक ऐतिहासिक गुरुद्वारे पाकिस्तान में रह गए थे, जिनके दर्शन के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु वहां जाते हैं.
कुछ शरारती तत्वों ने नुकसान पहुंचाया
एसजीपीसी भी साल में चार बार श्रद्धालुओं के जत्थे पाकिस्तान भेजती है. उन्होंने बताया कि फारूखाबाद की मंडी सकराना में स्थित सिंह सभा लहर के समय के ऐतिहासिक गुरुद्वारे को कुछ शरारती तत्वों ने नुकसान पहुंचाया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई गुरुद्वारे की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की नीयत से की गई है, जो अत्यंत निंदनीय है. एसजीपीसी सचिव ने पाकिस्तान सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों की सुरक्षा, मर्यादा तथा उनकी संपत्तियों को अतिक्रमण और नुकसान से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की.
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