NATO समिट में छाए तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन, सभी 32 नेताओं को गिफ्ट किए रिवॉल्वर, गोलियों का डिब्बा भी सौंपा

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Turkey: NATO समिट इस बार दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया. तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने अंकारा में आयोजित शिखर सम्मेलन में शामिल सभी 32 नाटो देश के नेताओं को उनके नाम वाली एक पर्सनलाइज्ड रिवॉल्वर और गोलियों का डिब्बा गिफ्ट में दिया. ये बंदूक छह गोलियों वाली सार्सिलमाज SR 38 है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी उनके नाम वाली रिवॉल्वर और एक्सपोर्ट छूट का पत्र मिला था.

अभी तक सार्वजनिक नहीं किया

हालांकि अभी तक यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि वह इसे अमेरिका ले गए हैं या नहीं? सबसे ज्यादा चर्चा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की हो रही है. उन्हें भी उनके नाम वाली रिवॉल्वर मिली, लेकिन वह उसे ब्रिटेन नहीं ले गए. यह रिवॉल्वर अभी भी तुर्की में ब्रिटिश अधिकारियों की निगरानी में रखी हुई है. ब्रिटेन के कानून के तहत लाइव फायरआर्म को सीधे देश में लाना गैरकानूनी है.

छूट देने वाला पत्र भी दिया

हालांकि एर्दोगन ने इस गिफ्ट के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल में छूट देने वाला पत्र भी दिया था, लेकिन ब्रिटेन के घरेलू कानून लागू रहे. अब इस रिवॉल्वर को पहले डीकमिशन किया जाएगा, यानी इसे इस तरह निष्क्रिय बनाया जाएगा कि इससे दोबारा गोली नहीं चल सके. इसके बाद ही इसे ब्रिटेन भेजा जाएगा. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय ने अभी तक इस रिवॉल्वर की कोई तस्वीर भी जारी नहीं की है.

सुरक्षा एजेंसी के पास भेज दिया

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी यह रिवॉल्वर अपने पास नहीं रखी. उन्होंने इसे सीधे रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) को सौंप दिया. कनाडाई सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री न तो इसे अपने आवास पर ले जाएंगे और न ही निजी तौर पर अपने पास रखेंगे. इसे भी डीकमिशन करने की प्रक्रिया के लिए सुरक्षा एजेंसी के पास भेज दिया गया है. वहीं इसके साथ मिली गोलियां तुर्की में ही रह जाएंगी. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज समेत दूसरे NATO नेताओं को भी यही तोहफा मिला था. लेकिन उन्होंने इस रिवॉल्वर के साथ क्या किया, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है.

एक जैसी पर्सनलाइज्ड रिवॉल्वर

एर्दोगन ने NATO समिट में शामिल सभी देशों के नेताओं को एक जैसी पर्सनलाइज्ड रिवॉल्वर दी थी. हर रिवॉल्वर पर संबंधित नेता का नाम खुदा हुआ था और उसके साथ लाइव गोलियां भी दी गई थीं. हालांकि कई देशों में हथियारों को लेकर बेहद सख्त कानून हैं. यही वजह है कि ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों के नेताओं ने रिवॉल्वर अपने साथ ले जाने के बजाय सुरक्षा एजेंसियों को सौंपना ज्यादा उचित समझा.

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