US heat wave: अमेरिका में इस बार जुलाई की गर्मी ने दशकों पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जुलाई 2026 अमेरिका में अब तक का सबसे गर्म ही नहीं, बल्कि रिकॉर्ड में दर्ज सबसे गर्म महीना रहा है. अमेरिका की नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने सोमवार को यह जानकारी दी.
बता दें कि इस समय अमेरिकी राज्या कैलिफोर्निया और नेवादा की सीमा के पास लगी बग फायर तेजी से फैल रही है. यह आग अब तक 15 हजार एकड़ में फैल चुकी है, ऐसे में अलर्ट पर अलर्ट जारी किया जा रहा है.
अमेरिका में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी
जुलाई महीने में अमेरिका के 48 राज्यों का औसत तापमान 76.9 डिग्री फॉरेनहाइट यानी 24.9 डिग्री सेल्सियस रहा. NOAA के पास कुल 132 साल का रिकॉर्ड है. इस बार का जुलाई इस रिकॉर्ड का सबसे गर्म महीना रहा. इसमें अलास्का, हवाई और अमेरिका के दूसरे विदेशी इलाके शामिल नहीं हैं. जुलाई का औसत तापमान 20वीं सदी के औसत से 3.3 डिग्री फॉरेनहाइट ज्यादा रहा. इससे पहले सबसे गर्म महीना जुलाई 1936 था, जब औसत तापमान 76.8 डिग्री फॉरेनहाइट रहा था.
दरअसल, अमेरिका में रिकॉर्ड किए गए पांच सबसे गर्म महीनों में जुलाई 2012, जुलाई 2006 और जुलाई 2022 भी शामिल हैं. वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बढ़ती गर्मी में इंसानों की वजह से हो रहा जलवायु परिवर्तन बड़ी भूमिका निभा रहा है. इसका मुख्य कारण कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों को जलाना है.
क्या है भीषण गर्मी की वजह
हालांकि, 1930 के दशक की ‘डस्ट बाउल’ गर्मियों, खासकर 1936 की गर्मी के कारण अलग थी. उस समय ग्रेट प्लेन्स इलाके में सूखा और बहुत ज्यादा गर्मी थी. इसके साथ जमीन पर जरूरत से अधिक जुताई भी हुई थी. इससे जमीन सूखकर खुली रह गई और उसकी गर्मी ने उत्तरी अमेरिका के अलावा यूरोप और पूर्वी एशिया तक के तापमान को प्रभावित किया.
कैलिफोर्निया-नेवादा सीमा पर भड़की बड़ी आग
इसी बीच कैलिफोर्निया और नेवादा की सीमा के पास लगी बग फायर तेजी से फैल रही है. कैलिफोर्निया की दमकल एजेंसी CAL FIRE के ताजा अपडेट के मुताबिक, आग करीब 15,000 एकड़ में फैल चुकी है और अभी सिर्फ 3 फीसदी आग पर काबू पाया जा सका है.
उत्तरी वाशो काउंटी के कई इलाकों में लोगों को घर खाली करने के आदेश और चेतावनी जारी की गई है. हालांकि, कुछ इलाकों में दमकलकर्मियों के आग पर काबू पाने के बाद ये आदेश कम कर दिए गए हैं.लोगों से सतर्क रहने और अधिकारियों की ओर से जारी किए जा रहे घर खाली करने के नए आदेशों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि हालात बहुत तेजी से बदल सकते हैं.

