Gold Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार यानी 13 अगस्त की शुरुआती ट्रेडिंग में सोने की कीमतों में मामूली तेजी देखने को मिली, जबकि चांदी दबाव में रही. बाजार में अमेरिकी महंगाई के ताजा आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दरों को लेकर नए सिरे से आकलन किया जा रहा है. इसी वजह से कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.
गुरुवार की शुरुआती ट्रेडिंग में COMEX पर सोना 4,473.40 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. पिछली क्लोजिंग के मुकाबले इसमें 5.90 डॉलर यानी 0.13 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. कारोबार के दौरान सोने ने 4,509.10 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम और 4,456.50 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर छुआ. वहीं COMEX पर चांदी 65.58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी.
इसकी कीमत में 0.12 डॉलर यानी 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई. कारोबारी सत्र के दौरान चांदी ने 66.45 डॉलर प्रति औंस का ऊपरी स्तर और 65.22 डॉलर प्रति औंस का निचला स्तर देखा.
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद सोने में आई थी तेजी
कीमती धातुओं में यह ताजा बदलाव बुधवार यानी 12 अगस्त को सोने की कीमतों में आई तेज बढ़त के बाद देखने को मिला है. बुधवार को जुलाई के अमेरिकी महंगाई के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के मुताबिक रहे, जिसके बाद सोना दो महीने से ज्यादा समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था. बुधवार को स्पॉट गोल्ड 0.9 प्रतिशत बढ़कर 4,406.64 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया.
वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,467.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ. जून में 0.4 प्रतिशत की गिरावट के बाद जुलाई में अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. यह आंकड़ा बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहा. इसके बाद निकट भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति की ओर बढ़ने की उम्मीदें कुछ कमजोर हुई हैं.
फेड की ब्याज दरों पर बाजार की नजर
अब बाजार की नजर फेडरल रिजर्व की सितंबर में होने वाली बैठक पर है. मौजूदा संकेतों के आधार पर बाजार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को पहले के मुकाबले कम आंक रहा है. CME फेडवॉच टूल के अनुसार, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 46 प्रतिशत थी, जो अब घटकर करीब 40 प्रतिशत रह गई है. आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर सोने पर दबाव के रूप में देखने को मिलता है. इसकी वजह यह है कि ज्यादा यील्ड मिलने पर ऐसे निवेश की अवसर लागत बढ़ जाती है, जिससे ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता. इसके उलट ब्याज दरों में कमी या उनके स्थिर रहने की उम्मीद सोने जैसी बुलियन संपत्तियों की मांग को सहारा दे सकती है.
कमजोर डॉलर से भी सोने को मिला सहारा
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को कुछ सहारा दिया है. अब निवेशकों की नजर अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़े नए संकेतों पर है. बाजार गुरुवार को जारी होने वाले अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स पर भी नजर रखेगा. इस आंकड़े से महंगाई की आगे की दिशा और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के रुख के बारे में बाजार को नए संकेत मिल सकते हैं.
भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी अहम
कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारकों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम भी शामिल हैं. शिपिंग रूट को लेकर बढ़े तनाव और ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों से जुड़े टकराव का असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है. अगर तेल की कीमतों में बदलाव होता है, तो इससे महंगाई और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें भी प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में निवेशक कीमती धातुओं के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रम पर भी नजर बनाए हुए हैं.
बुधवार को चांदी भी चढ़ी थी
बुधवार यानी 12 अगस्त को चांदी की कीमतों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली थी. चांदी 1.3 प्रतिशत बढ़कर 65.49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई थी. इस दौरान चांदी ने 22 जून के बाद अपना सबसे ऊंचा स्तर भी छुआ था. हालांकि, गुरुवार की शुरुआती ट्रेडिंग में चांदी की कीमत में मामूली गिरावट देखने को मिली. इससे संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल अमेरिकी महंगाई, ब्याज दरों और वैश्विक घटनाक्रम से मिलने वाले नए संकेतों के आधार पर कीमती धातुओं की दिशा तय कर रहा है.
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