अब ट्रंप ने बदला झील का नाम, भडका कनाडा, PM कार्नी बोले-हम ‘लेक अमेरिका’ नहीं ‘लेक ओंटारियो’ ही कहेंगे

Must Read

Washington: कनाडा से चल रही तनातनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो झील का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने का आदेश दिया है. इसके तुरंत बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा इस नाम को स्वीकार नहीं करेगा और वहां यह झील लेक ओंटारियो ही कहलाती रहेगी. यानी अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों में नया नाम इस्तेमाल करेगा, जबकि कनाडा पुराने नाम पर कायम रहेगा.

दोनों देशों के बीच जारी तनाव

साझा झील के लिए दो अलग-अलग नामों का यह मामला दोनों देशों के बीच जारी तनाव में एक नया अध्याय जोड़ता दिख रहा है. यह झील दोनों देशों के बॉर्डर पर है. ट्रंप ने अपने एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में झील के आर्थिक और रणनीतिक महत्व को नाम बदलने की वजह बताया है. उनके मुताबिक ग्रेट लेक्स क्षेत्र में अमेरिका सुरक्षा, शिपिंग और पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा निवेश करता है. ट्रंप ने दावा किया कि ग्रेट लेक्स में चलने वाले 11 आइस-ब्रेकिंग जहाजों में से 9 अमेरिकी कोस्ट गार्ड संचालित करता है.

जहाजों के रास्ते खुले रखने में मदद

उनका कहना है कि इन जहाजों के जरिए व्यापारिक जहाजों के रास्ते खुले रखने में मदद मिलती है. अमेरिकी पक्ष के मुताबिक पिछले 10 वर्षों में ग्रेट लेक्स के मीठे पानी के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर करीब 4 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि लेक ओंटारियो अमेरिका के व्यापार, रक्षा और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है. झील के आसपास के बंदरगाहों और 1812 के युद्ध से जुड़े इलाकों का भी आदेश में जिक्र किया गया है.

नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी

ट्रंप के आदेश के मुताबिक अमेरिकी आंतरिक मामलों के मंत्री को फेडरल बोर्ड ऑन ज्योग्राफिक नेम्स के साथ मिलकर नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी. इसके बाद अमेरिकी संघीय एजेंसियों को नक्शों, सरकारी दस्तावेजों, अनुबंधों और आधिकारिक संचार में ‘लेक अमेरिका’ नाम इस्तेमाल करना होगा. लेकिन यहां एक बड़ा पेंच है. अमेरिका का यह आदेश सिर्फ उसकी संघीय सरकार पर लागू होगा.

नया नाम अपनाने के लिए बाध्य

कनाडा, ओंटारियो प्रांत, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं या निजी मैप कंपनियों को नया नाम अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया गया है. लेक ओंटारियो सिर्फ अमेरिका की झील नहीं है. इसका करीब 52 फीसदी सतही क्षेत्र कनाडा में है, जबकि बाकी हिस्सा अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य में आता है. यही वजह है कि नाम बदलने का फैसला कनाडा के लिए सीधे तौर पर भी अहम है.

इसे भी पढ़ें. राजगढ़ में हादसाः ब्रिज की रेलिंग से टकराई बस, चालक सहित चार की मौत, 12 गंभीर रूप से घायल

Latest News

जीभ का लाल और चिकना होना कितना है खतरनाक…, ऐसे 5 बदलाव खोल देते हैं अंदर छिपी हुई बीमारी

Health Tips: जीभ केवल स्वाद पहचानने का काम नहीं करती, बल्कि उसके रंग, सतह और आकार में आए बदलाव...

More Articles Like This