Bangles Astrology: सनातन धर्म में महिलाओं के श्रृंगार को सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. शादी के बाद सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, पायल, बिछुआ महिलाओं को ज़रूर पहनना चाहिए. चूड़ियां सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक मानी जाती हैं. हालांकि, शास्त्रों के चूड़ियां खरीदने को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि वो नियम क्या हैं…
किस दिन खरीदें चूड़ियां
शास्त्रों के अनुसार, चूड़ियां खरीदने के लिए सबसे शुभ दिन सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार माने जाते हैं. इस दिन चूड़ियां खरीदने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
- सोमवार:- सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है. ऐसे में इस दिन श्रृंगार की चीजें खरीदना बेहद शुभ माना जाता है.
- बुधवार– ये दिन भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन नई चीजें खरीदना शुभ माना जाता है.
- गुरुवार:- ये दिन भगवान विष्णु समर्पित पर इसे शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है.
- शुक्रवार:- माता लक्ष्मी को समर्पित इस दिन को सौभाग्य की चीजों की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है.
इस दिन नहीं खरीदनी चाहिए चूड़ियां Bangles Astrology
शास्त्रों के अनुसार, मंगलवार और शनिवार के दिन चूड़ियां भूलकर भी नहीं खरीदनी चाहिए. ये दिन सुहाग से जुड़ी चीजें खरीदने के लिए शुभ नहीं माना जाता है.
जानिए चूड़ियों की संख्या
शास्त्रों के अनुसार, दोनों हाथों में चूड़ियों बराबर नहीं रखनी चाहिए. दोनों हाथों में बराबर संख्या में चूड़ियां पहनना शुभ नहीं माना जाता है.
- बाएं हाथ में 3, 5, 7, 9 या 11 की संख्या में चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है.
- वहीं दाहिने हाथ में 2, 4, 6, 8, 10 या 12 की संख्या में चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है.
भूलकर भी न पहनें इस रंग की चूड़ियां
शास्त्रों में लाल, हरी और पीली चूड़ियों को शुभ माना जाता है. वहीं, शादी के तुरंत बाद महिलाओं को काले या बहुत गहरे रंग की चूड़ियां नहीं पहननी चाहिए.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

