CM Yogi in Chitrakoot: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट दौरे के दौरान बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. मंदाकिनी नदी के उफान से हुई तबाही का हवाई सर्वे करने के बाद सीएम योगी सीधे रामघाट पहुंचे. वहां उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित व्यापारियों व स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उनका हाल जाना.
रामघाट के निरीक्षण के दौरान सीएम योगी बाढ़ के पानी से क्षतिग्रस्त हुई संत तुलसीदास की प्रतिमा के पास रुके. प्रतिमा की स्थिति देख उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से इसके जीर्णोद्धार व सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली. इस दौरान रामघाट पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जल पुलिस, मोटरबोट्स और गोताखोरों की विशेष तैनाती रही.

रामायण मेला पहुंचे सीएम योगी, बांटी राहत सामग्री
हवाई सर्वे और रामघाट निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामायण मेला पहुंचे. उनके साथ जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, प्रभारी जिला मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री किट वितरित की और बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट व टॉफियां बांटीं.

अफसरों को अलर्ट कर शुरु कराए थे बचाव कार्य
जनसभा को सियाराम के जयघोष से संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने 12 वर्ष जिस धरा पर रहकर रामराज्य की परिकल्पना को साकार किया था, आज आपदा की इस घड़ी में पूरी सरकार आपके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि जिस दिन बाढ़ आई, वह बलिया में थे, लेकिन तत्काल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अफसरों को अलर्ट कर बचाव कार्य शुरू कराए थे.

सीएम ने किया पीएम आवास और पट्टे का ऐलान
पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने घोषणा की कि बाढ़ में जिन लोगों के घर बह गए हैं या नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नया मकान या जमीन का पट्टा दिया जाएगा. पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2017 से पहले भी चित्रकूट में बाढ़ आती थी, लेकिन तब की सरकारें संज्ञान नहीं लेती थीं और राहत का सारा पैसा हजम कर जाती थीं.

बाढ़ से 36 गांव प्रभावित
तय कार्यक्रम के मुताबिक, सीएम योगी रामायण प्रेक्षागृह में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री की किट वितरित करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे. गौरतलब है कि मंदाकिनी के उफान से चित्रकूट जनपद के 36 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सैकड़ों कच्चे व पक्के मकान ढह गए हैं और किसानों की खरीफ की फसलें पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं.

नावों के जरिए घाट क्षेत्र पर रखी जा रही नजर
रामघाट पर जल पुलिस की टीम मंदाकिनी नदी में मुस्तैद है. बाढ़ के बाद नदी का जलस्तर अभी भी तेज है, इसी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जल पुलिस और गोताखोरों को तैनात किया है. नावों के जरिए पूरे घाट क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है.

