Australia el nino impact: अल नीनो का असर दुनियाभर में दिखाई रहा है. सितंबर महिने की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी हिस्से में अभी भी लोगों का गर्मी से हाल बेहाल हैं. ऐसे में ब्रिस्बेन में तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार है. यदि ऐसा हुआ तो यह शहर में साल 2019 के बाद सितंबर का सबसे गर्म दिन होगा.
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी क्वींसलैंड और उत्तर-पूर्वी न्यू साउथ वेल्स में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है. ब्रिस्बेन में सुबह ही तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इप्सविच के एम्बरले में पारा 35.7 डिग्री तक पहुंच गया था.
सिडनी में लगे प्रतिबंध
इस असामान्य गर्मी का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं है. इस दौरान क्वींसलैंड के इप्सविच और लॉकर वैली में फायर बैन लागू किया गया है, वहीं गर्म और शुष्क मौसम के साथ तेज हवाओं ने जंगलों में आग के खतरे को और बढ़ा दिया है. वहीं, इससे एक दिन पहले सिडनी क्षेत्र में भी आग संबंधी प्रतिबंध लगाए गए थे.
मौसम विभाग के मुताबिक, सिडनी में शनिवार को तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. सितंबर के शुरुआती दिनों में शहर का अधिकतम तापमान औसत गर्मियों के स्तर के आसपास रहा, जो साल 1858 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद शुरुआती वसंत के लिए असाधारण स्थिति है.
कब तक राहत मिलने की उम्मीद
ऑस्ट्रेलिया में यह मौसम बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब देश ने अपना तीसरा सबसे गर्म स्प्रिंग सीजन दर्ज किया है. क्वींसलैंड में सर्दियों का औसत तापमान दीर्घकालिक औसत से करीब 1.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा. हालांकि जल्द ही राहत की उम्मीद है. मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व से आने वाली ठंडी और शुष्क हवाएं रविवार शाम या सोमवार से तापमान में गिरावट ला सकती हैं. न्यू साउथ वेल्स और क्वींसलैंड में आने वाले दिनों में मौसम कुछ सामान्य होने की संभावना है.
इस बीच ऑस्ट्रेलिया के मौसम पर अल नीनो का प्रभाव भी चिंता बढ़ा रहा है. ऐसे में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मौजूदा अल नीनो रिकॉर्ड में सबसे मजबूत घटनाओं में शामिल हो सकता है, जिससे देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में गर्म और शुष्क परिस्थितियां तथा जंगलों में आग का खतरा बढ़ सकता है.

