US-Iran War: अमेरिका से युद्ध के बीच ईरान ने पहली बार एंटी शिप हाइपरसोनिक मिसाइल कासिम बसीर से वार किया है. छह सितंबर की सुबह ईरानियन रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मिसाइलों से अमेरिकी युद्धपोतों पर अटैक किया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी में अभी दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर तैनात हैं– यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन और जॉर्ज बुश. तीसरा जंग लगा अब्राहम लिंकन थाइलैंड के पटाया के पास आराम कर रहा है.
सभी जहाजों पर हमला
इन एयरक्राफ्ट करियर के साथ चल रहे कुछ विध्वंसक जहाज हैं– USS Shoup (DDG-86), USS Frank E Petersen Jr. और USS Robert Smalls. ईरान ने टैंकरों पर हमले के बाद कासिम बसीर से इन सभी जहाजों पर हमला बोल दिया. तीन अमेरिकी कॉमर्शियल शिप तो मिनटों में स्वाहा हो गए. हाइपरसोनिक मिसाइलों ने अमेरिकी जंगी जहाजों की क्या दुर्गति की है, इसके सबूत अभी सामने नहीं आए हैं. लेकिन वाशिंगटन में ट्रंप की थू-थू शुरू हो गई है.
चेयरमैन पद से बर्खास्त किए गए रैंडी जॉर्ज
कुछ दिनों पहले जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन पद से बर्खास्त किए गए जनरल रैंडी जॉर्ज ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत है. वो अमेरिकी सेना को तबाही की तरफ ले जा रहे हैं. छह महीने लंबी लड़ाई से थककर और गोला बारूद का सारा स्टॉक खत्म होने के बाद ट्रंप ने इकॉनमिक डी डे का ऐलान किया था. प्लान था ईरान को आर्थिक प्रतिबंध से चोक कर देंगे. रूस-चीन ने फटक दिया.
अपने ही देश को चेतावनी
अमेरिकी स्ट्रैटेजिक जानकार डेविड पाइन ने कासिम बसीर मिसाइल चलने के बाद अपने ही देश को चेतावनी दे दी है. उनका दावा है कि आज तक कभी भी किसी ने अमेरिकी जंगी जहाजों की तरफ हाइपरसोनिक मिसाइलें नहीं दागी थी. इसकी स्पीड आवाज की गति से नौ गुना तेज हो सकती है. कासिम बसीर की स्पीड 6 हजार से 9800 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है. यही नहीं अमेरिकी नौसेना के पास हाइपरसोनिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता अभी बहुत सीमित है. ऐसे में ईरान की ये हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइलें अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और उनके साथ चलने वाले युद्धपोतों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं.
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