LPG Price Today 10 September 2026: देश में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए आज राहत की खबर है. 10 सितंबर 2026 को घरेलू LPG यानी 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. हालांकि, महीने की शुरुआत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में मामूली बढ़ोतरी की थी. घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बदलाव 7 जून 2026 को हुआ था. इसके बाद से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर के रेट स्थिर बने हुए हैं. ऐसे में आज भी उपभोक्ताओं को पिछले रेट पर ही घरेलू गैस सिलेंडर मिल रहा है.
दिल्ली से पटना तक जानिए LPG का आज का रेट
अलग-अलग शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है. 10 सितंबर 2026 के प्रमुख शहरों के रेट इस प्रकार हैं:
| शहर | घरेलू सिलेंडर (14.2 kg) | कमर्शियल सिलेंडर (19 kg) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹942.00 | ₹2,747.50 |
| मुंबई | ₹941.50 | ₹2,701.00 |
| कोलकाता | ₹968.00 | ₹2,884.00 |
| चेन्नई | ₹957.50 | ₹2,916.50 |
| बेंगलुरु | ₹955.50 | ₹2,831.00 |
| हैदराबाद | ₹994.00 | ₹2,996.00 |
| पटना | ₹1,031.50 | ₹3,029.00 |
| नोएडा | ₹939.50 | ₹2,747.50 |
| गुरुग्राम | ₹950.50 | ₹2,764.50 |
इन आंकड़ों के मुताबिक, दिए गए शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर की सबसे कम कीमत नोएडा में ₹939.50 है, जबकि सबसे ज्यादा कीमत पटना में ₹1,031.50 है.
कमर्शियल सिलेंडर के दाम में महीने की शुरुआत में बढ़ोतरी
जहां घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर हैं, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में महीने की शुरुआत में बढ़ोतरी की गई थी. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर के रेट में करीब ₹9.50 से ₹11.50 प्रति सिलेंडर तक का इजाफा किया था. कमर्शियल LPG का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है. इसलिए इसके दाम में बदलाव का असर कारोबार की लागत पर पड़ सकता है.
CEEW की रिपोर्ट ने LPG इस्तेमाल को लेकर उठाए सवाल
देश में ज्यादा से ज्यादा घरों तक LPG की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवारों को LPG कनेक्शन भी दिए गए हैं. लेकिन काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) की एक स्टडी में LPG के नियमित इस्तेमाल को लेकर एक अलग तस्वीर सामने आई है. CEEW के सर्वे के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत 10.5 करोड़ से अधिक मुफ्त LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं. इसके बावजूद केवल 23 फीसदी ग्रामीण परिवार ही खाना पकाने के लिए विशेष रूप से LPG का इस्तेमाल कर रहे हैं. बाकी परिवार LPG के साथ पारंपरिक ईंधन का भी इस्तेमाल करते हैं.
ग्रामीण परिवारों में लकड़ी पर निर्भरता अब भी ज्यादा
CEEW की यह स्टडी असम, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 2,222 ग्रामीण घरों में किए गए सर्वे पर आधारित है. यह सर्वे नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच किया गया था. स्टडी के अनुसार, 48 फीसदी घर खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन के तौर पर LPG का इस्तेमाल करते हैं, जबकि 50 फीसदी परिवार मुख्य रूप से लकड़ी पर निर्भर हैं. इससे पता चलता है कि LPG कनेक्शन मिलने के बावजूद ग्रामीण परिवारों का एक बड़ा हिस्सा अभी भी पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल कर रहा है.
सालभर पूरी तरह LPG पर निर्भर रहने के लिए चाहिए 7-8 सिलेंडर
रिपोर्ट में LPG की नियमित उपलब्धता और रिफिल की क्षमता को भी महत्वपूर्ण कारण बताया गया है. पूरी तरह LPG पर खाना पकाने के लिए एक परिवार को सालभर में कम से कम 7 से 8 सिलेंडर की जरूरत होती है. वहीं, उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवार औसतन एक साल में केवल 4.8 सिलेंडर ही रिफिल करवा पा रहे हैं. ऐसे में कई परिवारों को LPG के साथ-साथ लकड़ी जैसे पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है.
घरेलू LPG की कीमतें फिलहाल स्थिर रहने से उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन CEEW की रिपोर्ट यह सवाल भी सामने रखती है कि सिर्फ LPG कनेक्शन उपलब्ध करा देना पर्याप्त है या परिवारों के लिए नियमित रिफिल को किफायती और आसान बनाना भी उतना ही जरूरी है.

