उत्तराखंड के पूर्व CM हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से दिया इस्तीफ़ा, ED की कार्रवाई के बाद लिया फैसला

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Dehradun: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शनिवार को राज्य और वर्किंग कमेटी के अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. उनके ओएसडी चंदन सिंह जीना के पास से भारी मात्रा में कैश और गहने जब्त होने की खबर के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी काम से पार्टी का संघर्ष कमजोर हो. साथ ही उन्होंने अपने सहयोगी पर लगे किसी भी तरह के गलत काम के आरोपों से इनकार किया.

ईडी ने हरीश रावत ओएसडी के ठिकानों पर छापेमारी की

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा 2016 में आयोजित भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरीश रावत ओएसडी के ठिकानों पर छापेमारी की. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपना फैसला बताया. रावत ने कहा कि अभी मेरे सामने टीवी पर यह खबर चल रही है कि देहरादून में हरीश रावत के पीए के पास से भारी मात्रा में कैश, गहने वगैरह जब्त किए गए हैं या जब्त करवाए गए हैं.

ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़

इस बात का सच तो आगे चलकर ही पता चलेगा, लेकिन यह सच है कि मिस्टर जीना मेरे ओएसडी रहे हैं और मैंने पार्टी या सरकार में जिन भी पदों पर काम किया है, उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं. जीना को विनम्र और मेहनती व्यक्ति बताते हुए उन्होंने कहा कि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है और अगर उनकी तरफ से ऐसी कोई गलती होने का सबूत मिलता है, तो मुझे उनकी इस कथित दुस्साहसी हरकत पर शर्म आएगी. हालांकि, मुझे इस आरोप पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है.

चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बहुत कुछ दांव पर लगा है. कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहे हैं. राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम के जरिए शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी.

चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे

यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे. लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है.

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