मिशन अंतरिक्ष यान अपनी पहली कक्षीय उड़ान के लिए तैयार, स्पेसएक्स स्टारशिप रॉकेट को करेगा लॉन्च

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Spacex: एलन मस्क के नेतृत्व वाली स्पेसएक्स अपनी 14वीं परीक्षण उड़ान में स्टारशिप रॉकेट को लॉन्च करने जा रही है. यह मिशन अंतरिक्ष यान की पहली कक्षीय उड़ान का प्रयास होगा. स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि लॉन्च के लिए 75 मिनट की विंडो सुबह 7:15 बजे खुलने वाली थी. हालांकि, यह नियामकीय मंजूरी पर निर्भर करेगा. साथ ही स्पेसएक्स अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लॉन्च का सीधा प्रसारण करेगा.

इस दौरान लाइव कवरेज लॉन्च से करीब 30 मिनट पहले शुरू होने की उम्मीद है. इस मिशन के तहत स्टारशिप को करीब 275 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाने और करीब छह चक्कर पूरे करने और लगभग 10 घंटे तक उड़ान भरने की योजना है. इसके बाद चिली के पश्चिम में प्रशांत महासागर में इसे निर्धारित स्थान पर उतारा जाएगा. स्टेज अलग होने के बाद स्टारशिप के ऊपरी चरण से अगली पीढ़ी के 26 स्टारलिंक वी3 सैटेलाइट तैनात किए जाने की उम्मीद है. इसके अलावा, इन सैटेलाइट्स के जरिए स्पेसएक्स के सैटेलाइट नेटवर्क की क्षमता में करीब 26 टेराबिट प्रति सेकंड की बढ़ोतरी हो सकती है.

सामान्य फाल्कन 9 लॉन्च की क्षमता से करीब 10 गुना अधिक

बता दें कि यह एक सामान्य फाल्कन 9 लॉन्च की क्षमता से करीब 10 गुना अधिक है. वहीं, सैटेलाइट तैनात करने के बाद स्टारशिप एक रैप्टर इंजन का इस्तेमाल करते हुए अंतरिक्ष में डी-ऑर्बिट बर्न करेगी. इसके बाद नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश और समुद्र में लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा. इस मिशन में सुपर हेवी बूस्टर के प्रमुख चरणों का भी परीक्षण किया जाएगा, जिसमें लॉन्च, स्टेज सेपरेशन और अंतिम लैंडिंग बर्न शामिल हैं. इसके बाद मैक्सिको की खाड़ी में समुद्र के निर्धारित क्षेत्र में लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा.

यह उड़ान हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में किए गए उन अपग्रेड के बाद हो रही है, जिनका उद्देश्य बर्फ से संबंधित इंजन विफलताओं को दूर करना है. इन्हीं समस्याओं के कारण 13वीं उड़ान के दौरान बूस्टबैक मैन्युवर समय से पहले समाप्त हो गया था.

थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम का शुरुआती परीक्षण

इसके अलावा, रिपोर्टों के अनुसार, स्पेसएक्स स्टारशिप की हीट शील्ड में भी बदलावों का परीक्षण कर रहा है. इनमें अधिक मजबूत टाइल माउंटिंग, घुमावदार टाइल डिजाइन और बेहतर प्लाज्मा शील्डिंग शामिल हैं. शिप 41 में शिप 40 से दो दोबारा इस्तेमाल की गई हीट-शील्ड टाइल्स भी लगाई जाएंगी. यह स्टारशिप के लिए पुन: इस्तेमाल किए जा सकने वाले थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम का शुरुआती परीक्षण होगा.

Latest News

गाजीपुर में तीन दिवसीय वृहद स्वास्थ्य सेवा शिविर का समापन, 31 हजार से अधिक लोगों ने लिया चिकित्सा सेवाओं का लाभ

Ghazipur Health Camp: सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भाजपा युवा नेता अभिनव सिन्हा द्वारा लंका मैदान में आयोजित तीन...

More Articles Like This