Islamabad: पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी PTI के लॉन्ग मार्च के बीच खैबर पख्तूनख्वा (KP) में इमरजेंसी और गवर्नर रूल लागू कर दिया गया है. रविवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी. इस फैसले के बीच एक संवेदनशील खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि राज्य पर सीधे केंद्र सरकार के कंट्रोल की कोशिश बड़े पैमाने पर अशांति और सुरक्षा संकट को जन्म दे सकती है.
आतंकवाद से निपटने में पूरी तरह विफल
शहबाज शरीफ की केंद्र सरकार का आरोप है कि प्रांतीय सरकार आतंकवाद और इस्लामी चरमपंथ से निपटने में पूरी तरह विफल रही है. साथ ही पीटीआई द्वारा इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर किए जा रहे उग्र विरोध प्रदर्शनों और इस्लामाबाद की तरफ मार्च करने की कोशिशों के चलते यह फैसला लिया गया है. इमरान खान के करीबी सहयोगी और पीटीआई के प्रवक्ताओं ने इस फैसले को हास्यास्पद बताया है और चेतावनी दी है कि इस दमनकारी कदम से देश में अस्थिरता और भारी हिंसा भड़क सकती है.
देश में गृहयुद्ध जैसे हालात
लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शनों और राज्य मशीनरी के बीच टकराव के कारण देश में गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा होने का खतरा गंभीर रूप से बढ़ गया है. बता दें कि इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल लगाने पर संघीय सरकार द्वारा विचार किए जाने संबंधी खबरों के बीच शनिवार को राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश की राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की थी.
खैबर पख्तूनख्वा से मार्च की शुरुआत
राष्ट्रपति भवन में हुई इस बैठक में सरकार और राजनीति से जुड़ी प्रमुख शख्सियतों ने हिस्सा लिया. बयान में कहा गया कि नेशनल असेंबली और सीनेट के अलग-अलग सत्र 13 अक्टूबर को आहूत किए जाएंगे. उत्तर-पश्चिमी स्थित खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार है. इसी प्रांत से मार्च की शुरुआत हुई थी.
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