‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज होगी बुलंद, लूला की जीत पर PM मोदी ने दी बधाई, कहा-भारत-ब्राजील रिश्तों को मिलेगी नई धार

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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PM Modi Brazil President: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को उनकी शानदार चुनावी जीत पर 26 अक्टूबर को बधाई दी है. पीएम मोदी ने लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के चौथी बार राष्ट्रपति बनने पर बधाई देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच बहुआयामी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा एवं व्यापक बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं.

पीएम मोदी ने दिखाई साथ मिलकर काम करने की उत्सुकता

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने एक पोस्ट में कहा कि “मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति लूला को उनकी शानदार चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई. मैं भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और गहरा एवं व्यापक बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हूं.”

समावेशी, न्यायसंगत एवं टिकाऊ विश्व का निर्माण…

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील मिलकर विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना जारी रखेंगे, ग्लोबल साउथ की साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे और अधिक समावेशी, न्यायसंगत एवं टिकाऊ विश्व के निर्माण की दिशा में काम करेंगे. ब्राजील की निर्वाचन अदालत के अनुसार, सभी मतों की गिनती पूरी होने के बाद लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो पर करीब 44 लाख मतों की बढ़त हासिल की और उन्हें कुल मतों के 51.8 प्रतिशत मत प्राप्त हुए.

चौथी बार राष्ट्रपति बनेंगे लूला डा सिल्वा

बता दें कि 81 साल के वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने चौथी बार देश की सत्ता हासिल की है. उन्हें 51.75 प्रतिशत वोट मिले, जबकि फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.25 प्रतिशत वोट मिले. फ्लेवियो बोल्सोनारो पूर्व दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं और चुनाव के दिन तक पोल में अपनी बढ़त को लेकर काफी आश्वस्त थे.

बोल्सोनारो को था डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन

लूला डा सिल्वा की जीत के साथ, ब्राजील ने उस दक्षिणपंथी लहर को रोक दिया है, जिसने अर्जेंटीना, चिली, कोलंबिया और पेरू जैसे कई देशों को दक्षिणपंथी विचारधारा की ओर धकेल दिया था. बोल्सोनारो की इस दंक्षिणपंथी लहर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था. वहीं, चुनाव के दौरान ही बोल्सोनारो के समर्थक सांसद निकोलस फरेरा ने ‘एक्स’ पर लिखा था कि “या तो हम जीतेंगे, या फिर हम ही जीतेंगे. इसे एक चेतावनी समझें.” इस तीखे चुनावी प्रचार ने 20 करोड़ से अधिक आबादी वाले इस देश में मौजूद गहरे मतभेदों को उजागर कर दिया.

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