Saudi Arabia Crown Prince: यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच सऊदी अरब में अहम कैबिनिट मीटिंग हुई है, जिसकी अध्यक्षता सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने की. बैठक के दौरान खासतौर से हूतियों के खतरे पर बात की गई. इस दौरान कैबिनेट ने देश की सेना का हौसला बढ़ाया है और हूतियों के खिलाफ सख्ती बरतने पर सहमति जताई है. रियाद में हुई इस बैठक के बाद हूती-सऊदी संघर्ष के तेज होने की संभावना है.
बता दें कि मोहम्मद बिन सलमान करीब एक हफ्ते बाद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं. दरअसल दावा किया जा रहा था कि वह हूतियों के मिसाइल हमलों के डर से बंकर में छिपे हुए हैं. वहीं, सऊदी कैबिनेट ने सख्त रुख दिखाते हुए कहा है कि देश के हवाई अड्डों, मक्का, मदीना जैसे अहम शहरों और आम नागरिकों-पर्यटकों पर हमले और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने का अंजाम हूती मिलिशिया को भुगतना होगा. कैबिनेट ने देश की रक्षा करने, उसके हितों की सुरक्षा करने और उसकी संप्रभुता पर खतरों को रोकने के लिए सशस्त्र बलों की सराहना की है.
हूतियों को कड़ी चेतावनी
सऊदी गैजेट के अनुसार, मंत्रिपरिषद ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा हेै कि हूती मिलिशिया को सऊदी अरब में उनके बार-बार किए गए हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा. इस दौरान कैबिनेट ने पुष्टि की कि ये प्रयास यह सुनिश्चित करते हैं कि सऊदी अरब सुरक्षा और स्थिरता का गढ़ बना रहे. इसके साथ ही वह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति प्राप्त करने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को बनाए रखते हुए और अधिक प्रगति और समृद्धि की ओर बढ़े.
समुद्री नेविगेशन के लिए खतरा बर्दाश्त नहीं
आपको बता दें कि सऊदी कैबिनेट ने कहा कि देश अपनी सुरक्षा या लाल सागर और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में समुद्री नेविगेशन के लिए खतरों को बर्दाश्त नहीं करेगा. कैबिनेट ने सऊदी कर्मियों के ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के माध्यम से कच्चे तेल के प्रवाह की सफल बहाली की सराहना की.

