Trump approval rating: अमेरिका में 3 नवंबर को संसद के मिडटर्म इलेक्शन होने वाला है, लेकिन इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. रॉयटर्स के ताजा सर्वे के मुताबिक, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग घटकर रिकॉर्ड निचले स्तर 31 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके अलावा, सर्वे में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और आर्थिक चिंताओं को लेकर वोटर्स की नाराजगी भी सामने आई है. इतना ही नहीं, अमेरिकी संसद चुनाव को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन पार्टी पर दो अंकों की बढ़त मिलती दिख रही है, जिससे चुनावी समीकरणों पर नई चर्चा शुरू हो गई है.
31 फीसदी पर पहुंची ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग
न्यूज एजेंसी द्वारा कराए गए इस चार दिवसीय सर्वे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 31 फीसदी दर्ज की गई. यह आंकड़ा दो सप्ताह पहले हुए सर्वे की तुलना में 1 प्रतिशत अंक कम है. सर्वे के अनुसार, यह ट्रंप के दोनों राष्ट्रपति कार्यकालों के दौरान सबसे निचला स्तर है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी मतदाताओं के बीच बढ़ती ईंधन कीमतों और आर्थिक मुद्दों को लेकर चिंता देखी जा रही है.
समुदायों में ट्रंप के प्रति बढ़ी निराशा
वहीं AP-NORC/AAPI Data सर्वे के अनुसार, मध्यावधि चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं उसके साथ ही एशियाई अमेरिकी, मूल हवाईयन और पैसिफिक द्वीपसमूह (AANHPI) समुदाय के वयस्कों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के प्रति निराशा बढ़ी है. सर्वेक्षण में अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख मुद्दों पर डेमोक्रेटिक पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिली है. इसी बीच हाउस डेमोक्रेटिक नेता हाकिम जेफ्रीज ने रविवार को कहा कि चुनावी माहौल अभी भी डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में बना हुआ है. वह ओहायो के एक महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र में सांसद मार्सी कैप्चर के लिए प्रचार कर रहे थे.
संसद चुनाव में डेमोक्रेट्स को बढ़त
सर्वे में मतदाताओं से संसद चुनाव के दौरान वोट करने को लेकर किए गए सवाल पर 47 फीसदी पंजीकृत मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी का सपोर्ट किया, जबकि 35 फीसदी मतदाताओं ने रिपब्लिकन पार्टी को चुना. इस तरह डेमोक्रेट्स को 12 प्रतिशत अंकों की बढ़त मिली, जो मौजूदा चुनावी चक्र में उनकी सबसे बड़ी बढ़त बताई गई है.
रिपब्लिकन पार्टी के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें
रिपोर्ट के अनुसार, यदि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) या सीनेट में बहुमत हासिल कर लेती है, तो ट्रंप प्रशासन के लिए आगामी दो वर्षों में अपनी नीतियों को लागू करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है. कांग्रेस के किसी भी सदन पर नियंत्रण खोने से रिपब्लिकन पार्टी की विधायी रणनीति प्रभावित हो सकती है.

