Nepal Bangladesh PM India: नेपाल और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री इस साल भारत दौरे पर आ सकते हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह नवंबर में, तो वहीं बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान दिंसबर में दिल्ली दौरे पर आने की तैयारी कर रहे हैं. प्रधानमंत्री के तौर पर दोनों नेताओं का यह पहला भारत दौरा होगा. दोनों नेता अगर दिल्ली आते हैं तो यह काफी अहम होगा क्योंकि नेपाल और बांग्लादेश भारत के बेहद अहम पड़ोसी हैं. दोनों ही देशों से भारत के काफी नजदीकी और दशकों पुराने रिश्ते रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, बालेन शाह का तीन दिवसीय भारत दौरा नवंबर के तीसरे हफ्ते में हो सकता है, जिसका एजेंडा काफी व्यापक होने की उम्मीद है. इसमें बड़े बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं से लेकर बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण जैसे मुद्दे शामिल होंगे. शाह के दौरे के दौरान भारत के सहयोग से चल रही कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा सकता है.
दिसंबर में आएंगे तारिक रहमान
इसके अलावा, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का भारत दौरा हो सकता है. रहमान नवंबर के आखिर या दिसंबर की शुरुआत में भारत के दौरे पर आने पर विचार कर रहे हैं. यानी वह बालेन शाह का दिल्ली दौरा खत्म होने के एक से दो हफ्ते के अंदर ही भारत की अपनी यात्रा कर सकते हैं. बांग्लादेशी पीएम का दौरा काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि दोनों पक्ष गंगा जल बंटवारा संधि रिन्यू करने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि अभी तारीखें तय नहीं हैं. बता दें कि दिसंबर, 1996 को हुई 30 साल की जल बंटवारा संधि इस साल 12 दिसंबर को समाप्त हो रही है. यह संधि हर साल 1 जनवरी से 31 मई तक पश्चिम बंगाल के फरक्का बैराज पर गंगा के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है.
बालेन शाह का भारत पर रुख
बालेन शाह ने इस साल 27 मार्च को नेपाल सरकार की कमान संभाली थी. बालेन शाह से भारत में उम्मीद थी कि संबंधों में गर्मजोशी आएगी लेकिन उन्होंने भारत को लेकर बहुत उत्साह नहीं दिखाया. यहां तक कि काठमांडू में भारत के राजदूत को भी नेपाल के नए प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से मिलकर बधाई देने का समय नहीं मिला. हालांकि अब बालेन शाह अपनी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा के रूप में भारत आ रहे हैं तो संबंधों पर चीजें बेहतर होने की उम्मीद है.
तरिक रहमान का भारत पर रुख
वहीं, बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान का भी भारत को लेकर बहुत अच्छा रुख नहीं रहा है. हालिया दिनों में उनके दिल्ली आने की अटकलें लगातार लगती रही हैं लेकिन चीजें फाइनल नहीं हो सकी हैं. भारत की ओर से उनको नवंबर में हुई ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए न्योता भेजा गया था. इसके बावजूद वह दिल्ली नहीं आए थे.

